पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। यहां एक स्कूल की पुरानी छत और स्लैब अचानक ढह गई, जिससे 17 विद्यार्थियों और एक महिला शिक्षिका की मौत हो गई। इस हादसे में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही बचाव दल, पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में कुछ और बच्चों के दबे होने की आशंका के चलते तलाशी अभियान जारी है।
लेडी रीडिंग अस्पताल में 18 शव पहुंचाए गए
पेशावर के प्रमुख लेडी रीडिंग अस्पताल प्रशासन के अनुसार, हादसे के बाद 17 विद्यार्थियों के शव अस्पताल लाए गए। वहीं, एक महिला शिक्षिका की भी मौत हो गई। हादसे में घायल बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से 20 गंभीर रूप से घायल विद्यार्थियों का गहन चिकित्सा विभाग में इलाज चल रहा है। बच्चों के अचानक इस हादसे का शिकार होने से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
क्लास के दौरान अचानक ढह गई छत
जानकारी के मुताबिक, जब स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं, तभी अचानक तेज आवाज के साथ छत विद्यार्थियों के ऊपर गिर गई। किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे की सूचना मिलते ही बचाव दल ने मलबे में फंसे बच्चों और स्कूल कर्मचारियों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया। इसके लिए आधुनिक उपकरणों और कटर की मदद ली जा रही है। मलबे से निकाले जा रहे घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है।
घायलों के इलाज के लिए आपातकालीन निर्देश
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए इस हादसे पर राज्यपाल के सलाहकार समर हारून बिलौर ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था लागू करने और घायल विद्यार्थियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज पर ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल, बचाव दल की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इस हादसे ने एक बार फिर स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा और बच्चों की जान की हिफाजत से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


