नागपुर बना उद्यमिता का नया केंद्र, 150 से ज्यादा विशेषज्ञों ने साझा किया विकास का रोडमैप

नागपुर: शहर में शनिवार को उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्थानीय उद्योगों को नई दिशा देने के उद्देश्य से “An Evening to Celebrate Entrepreneurship” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आईआईएम नागपुर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में 150 से अधिक उद्यमी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नीति-निर्माता, शिक्षाविद्, छात्र और विभिन्न संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन नागपुर एंटरप्रेन्योरशिप मिशन (NEM) के तहत ग्लोबल अलायंस फॉर मास एंटरप्रेन्योरशिप (GAME) ने किया।
कार्यक्रम में बीते एक वर्ष के दौरान नागपुर के उद्यमिता इकोसिस्टम में हुए सकारात्मक बदलावों की समीक्षा की गई और यह चर्चा हुई कि जिले के आर्थिक विकास में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs) किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। “MSME Thrives, District Rises” विषय पर आयोजित सत्र में बताया गया कि शहर में 112 से अधिक MSMEs का मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है। वहीं, 1,100 से ज्यादा छात्रों को वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों के समाधान से जोड़ने की पहल भी की गई है। इस दौरान कई उद्यमियों और छात्र टीमों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन पहलों से उन्हें नवाचार, व्यवसाय विस्तार और नए अवसरों का लाभ मिला।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में MSMEs को स्थानीय बाजारों से आगे बढ़ाकर राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि बाजार की बेहतर समझ, मजबूत साझेदारी और बड़ी वैल्यू चेन से जुड़ाव क्षेत्रीय उद्योगों के लिए नए निर्यात अवसर खोल सकता है। GAME के संस्थापक रवि वेंकटेशन ने कहा कि किसी भी जिले और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में छोटे और मध्यम उद्यमों की सबसे बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि यदि एआई, बाजार तक पहुंच और वित्तीय सुविधाओं को एक साथ जोड़कर काम किया जाए तो नागपुर का मॉडल देश के लिए मिसाल बन सकता है। वहीं, NERVE के चेयरमैन शशिकांत चौधरी ने कहा कि नागपुर एंटरप्रेन्योरशिप मिशन कोई एकबारगी योजना नहीं, बल्कि शहर के उद्यमिता इकोसिस्टम के लिए एक स्थायी ढांचा तैयार करने की पहल है। उन्होंने सभी संस्थानों से साझा लक्ष्य के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मंडलायुक्त विजयलक्ष्मी बिदारी ने कहा कि MSMEs की वास्तविक ताकत स्थानीय बाजार, स्थानीय बैंकिंग व्यवस्था और स्थानीय सप्लाई चेन से जुड़ी होती है। उनके अनुसार जिला-आधारित विकास मॉडल नागपुर को अपनी जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित करने और दूसरे जिलों के लिए उदाहरण बनने का अवसर देता है। इस अवसर पर विभिन्न इकोसिस्टम साझेदारों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही फूड एंटरप्रेन्योर एक्सेलेरेटर प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 23 MSMEs को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग डिनर के साथ हुआ, जहां सरकार, उद्योग, निवेशकों, शिक्षण संस्थानों और उद्यमियों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। आयोजकों का मानना है कि इस तरह की पहलें नागपुर को देश के उभरते उद्यमिता केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर नए उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर बढ़ाने और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

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