नागपुर के स्कूल में आई AI टीचर ‘वेदांती’, अब रोबोट सिखाएगी बच्चों को तकनीक का पाठ!

विदर्भ की पहली AI-रोबोटिक्स लैब शुरू, विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान

नागपुर : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शहर नागपुर में शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक की एक नई पहल देखने को मिली है। अब यहां के विद्यार्थी सिर्फ किताबों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में पढ़ेंगे ही नहीं, बल्कि उसे सामने देखकर समझ भी सकेंगे। नागपुर के अभ्यंकरनगर स्थित पूजनीय गोळवलकर गुरुजी AI पब्लिक स्कूल एंड जूनियर कॉलेज में राज्य की पहली AI शिक्षिका ‘वेदांती’ ने दस्तक दी है। खास बात यह है कि अब यह रोबोटिक टीचर विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान देने में मदद करेगी।

विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रिसर्च की आदत और नई चीजें सीखने की जिज्ञासा विकसित करने के उद्देश्य से स्कूल में AI-रोबोटिक्स लैब तैयार की गई है। शुक्रवार को इस लैब का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का एक ऐसा नया माध्यम शुरू हुआ है, जहां वे तकनीक को केवल समझेंगे ही नहीं, बल्कि खुद प्रयोग करके भी सीख सकेंगे। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अनिल दहिफळे उपस्थित थे। कार्यक्रम में सुनील खानखोजे, शुभांगी फुटाणे, ललित तपासे, मोहन साठे, गुणवंत अभ्यंकर, भारतीय विद्या प्रसारक संस्था के रमेश बक्षी और स्कूल की प्राचार्य डॉ. वंदना बडवाईक मौजूद रहीं।

मान्यवरों ने फीता काटकर AI-रोबोटिक्स लैब का उद्घाटन किया। इसके बाद लैब का निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रयोगों को देखा और उनकी सराहना की। इस दौरान AI शिक्षिका ‘वेदांती’ ने अतिथियों के सवालों के सटीक जवाब देकर सभी को हैरान कर दिया। रोबोट के साथ विद्यार्थियों को संवाद करते और तकनीक को करीब से समझते देखना इस पहल की खास बात रही। स्कूल की प्राचार्य डॉ. वंदना बडवाईक ने अपने प्रास्ताविक में कहा कि आज के AI के दौर में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रयोग आधारित और कौशलपूर्ण शिक्षा देना जरूरी है। इसी सोच के साथ इस लैब की शुरुआत की गई है।

वहीं, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अनिल दहिफळे ने इसे नागपुर ही नहीं, बल्कि पूरे विदर्भ की पहली AI आधारित लैब बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। नई-नई संकल्पनाओं को हकीकत में बदलना, समस्याओं के नए समाधान खोजना और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करना आज के समय की जरूरत है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रमेश बक्षी ने AI का एक रोचक अर्थ बताते हुए कहा कि इसका मतलब केवल ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ ही नहीं, बल्कि ‘ऑलटाइम इंटेलिजेंट’ भी है। उन्होंने कहा कि स्कूल का उद्देश्य हर विद्यार्थी को बुद्धिमान और सक्षम बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर विश्वास भी जताया।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. पांडुरंग खानखोजे की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों की ओर से तैयार की गई परसबाग, गणितीय बाग, दिवाली के लिए बनाए गए आकाशकंदील और शुभकामना पत्रों की भी अतिथियों ने सराहना की। AI-रोबोटिक्स लैब के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली डॉ. वंदना बडवाईक, यश और स्नेहल का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन अश्विनी देशमुख ने किया।

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