नांदेड : यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को साफ और सुरक्षित पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड मंडल में रेलवे स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों में पानी की नियमित जांच की जा रही है। मंडल के अनुसार, हाल ही में जारी CAG रिपोर्ट में नांदेड मंडल के किसी भी रेलवे स्टेशन पर दूषित पानी मिलने का उल्लेख नहीं है।
नांदेड मंडल में पानी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए 9 स्वास्थ्य निरीक्षक काम कर रहे हैं। रेलवे के चिकित्सा विभाग के मार्गदर्शन में ये निरीक्षक स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों में नियमित जांच करते हैं। पानी के नमूनों की जैविक, रासायनिक और अवशिष्ट क्लोरीन की जांच की जाती है। पिछले सात महीनों में 1,029 पानी के नमूनों की जैविक जांच, 22,365 नमूनों में अवशिष्ट क्लोरीन की जांच और 112 नमूनों का रासायनिक विश्लेषण किया गया। इसके अलावा कैंटीन, पेंट्री कार और खाद्य पदार्थ बेचने वाले केंद्रों से 91 खाद्य नमूने लेकर उनकी भी जांच की गई।
मंडल के मुताबिक, जांच किए गए किसी भी पानी के नमूने में असंतोषजनक गुणवत्ता नहीं मिली। अधिकारियों का कहना है कि पानी की जांच केवल किसी विशेष अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमित रूप से की जाती है। CAG रिपोर्ट के बाद पानी और खाद्य पदार्थों की जांच व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों को समय पर नमूने लेने और उन्हें निर्धारित प्रयोगशालाओं में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रेलवे स्टेशनों की कैंटीन, पेंट्री कार और खाद्य बिक्री केंद्रों की स्वच्छता पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। नांदेड रेल मंडल ने यात्रियों और कर्मचारियों को सुरक्षित पानी, स्वच्छ भोजन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह निगरानी व्यवस्था आगे भी जारी रखने की बात कही है।



