बनासकांठा : देश जब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे समय में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश की मुश्किल परिस्थितियों में जनता का साथ देने के बजाय अफवाहें फैलाने और अराजकता का माहौल बनाने में लगे हैं। उनका कहना था कि इन सबके पीछे उनका उद्देश्य मोदी को बदनाम करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरा देश एकजुट होकर चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन कुछ लोगों को देश को संकट में देखकर खुशी होती है। जब देश के सामने मुश्किलें आती हैं, तब ये लोग स्थिति को और बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच खाद और रसोई गैस की कमी को लेकर भी लोगों के बीच गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं।
किसानों और महिलाओं के बीच डर फैलाने का आरोप
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को खाद की कमी होने की बात कहकर डराया गया, वहीं महिलाओं और परिवारों को रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर चिंतित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की अफवाहों का मकसद देश में भ्रम और अव्यवस्था पैदा करना तथा उनकी छवि खराब करना है। किसानों को भरोसा दिलाते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़े रहने का वादा किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सरकार ने इसका आर्थिक बोझ भारतीय किसानों पर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का दिया संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय एकता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अनिश्चितताओं से भरी दुनिया में भारत की तेज प्रगति पूरी दुनिया के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। ऐसे समय में देश को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। मोदी ने 31 अक्टूबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस का उल्लेख करते हुए देशवासियों, खासकर युवाओं से ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
25 साल के सार्वजनिक जीवन को किया याद
प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर को सार्वजनिक पद पर उनके कार्यकाल के 25 साल पूरे हुए हैं। अक्टूबर 2001 में जब उन्होंने पहली बार पद की शपथ ली थी, वह पल आज भी उन्हें याद है।
उन्होंने कहा कि एक सामान्य परिवार से आने वाले व्यक्ति पर जनता ने भरोसा जताया और पहले गुजरात, फिर पूरे देश की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी। मोदी ने कहा कि जनता की सेवा ही राष्ट्र की सेवा है और देश के विकास के लिए अब तक जो कुछ भी कर पाए हैं, उसका श्रेय देशवासियों को जाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जीवन के आखिरी क्षण तक वह जनता की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। बनासकांठा में उनका यह संबोधन ऐसे समय में आया है, जब खाड़ी क्षेत्र के तनाव और उससे जुड़ी आशंकाओं को लेकर देश में चर्चा जारी है।


