मुंबई : खरीफ फसल को हुए नुकसान और आर्थिक तंगी से जूझ रहे महाराष्ट्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। दिवाली से पहले राज्य सरकार की ओर से घोषित 5 हजार रुपये की अग्रिम सहायता किसानों के बैंक खातों में जमा होनी शुरू हो गई है। सोमवार, 2 नवंबर से यह राशि पात्र किसानों के खातों में भेजी जा रही है। इससे त्योहार के मौके पर आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, राज्य के कई हिस्सों में सूखे के कारण खरीफ फसलों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। ऐसे में किसानों को आर्थिक मदद की जरूरत थी। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) की सहायता का इंतजार किए बिना दिवाली से पहले किसानों को 5 हजार रुपये की अग्रिम राशि देने की घोषणा की थी। इसके लिए पिछले सप्ताह हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 7,500 करोड़ रुपये के निधि को मंजूरी दी गई थी।
सरकार के निर्णय के अनुसार, जिन किसानों की फसलों का नुकसान 33 प्रतिशत से अधिक हुआ है, उन्हें यह अग्रिम सहायता दी जा रही है। जिन किसानों के फसल नुकसान का पंचनामा पूरा हो चुका है, उनके लिए नुकसान को 100 प्रतिशत मानकर सहायता वितरित की जाएगी।
अंतिम सहायता राशि से काटी जाएगी अग्रिम रकम
किसानों को फिलहाल 5 हजार रुपये अग्रिम स्वरूप में दिए जा रहे हैं। बाद में अंतिम रूप से मंजूर होने वाली सहायता राशि में से यह रकम घटा दी जाएगी। खरीफ सीजन में फसल उत्पादन घटने के कारण कई किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में दिवाली से पहले खाते में पैसे पहुंचने से उन्हें त्योहार की जरूरतों के साथ ही आगामी रबी सीजन की तैयारी के लिए भी कुछ आर्थिक सहारा मिलेगा।
37 हजार से अधिक गांवों में पंचनामे पूरे
राज्य में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए कुल 37 हजार 496 गांवों में फसल नुकसान के पंचनामे किए गए हैं। सरकार के अनुसार, फसल नुकसान के 100 प्रतिशत पंचनामे पूरे हो चुके हैं। इनमें 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान वाले क्षेत्रों की भी पहचान की गई है।
पंचनामों में सामने आया है कि राज्य में कुल 1 करोड़ 41 लाख 53 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र सूखे से प्रभावित हुआ है। इस प्रभावित क्षेत्र के किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के पास आर्थिक सहायता का प्रस्ताव भी भेजा है।
फिलहाल किसानों की नजर आगे मिलने वाली अंतिम सहायता राशि पर टिकी है। दिवाली से पहले शुरू हुई 5 हजार रुपये की यह मदद मुश्किल समय में उनके लिए थोड़ी राहत जरूर लेकर आई है।


