सात महीने से जारी अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष अब खत्म होने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि युद्ध अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान अमेरिका के साथ संभावित समझौते के लिए तैयार है। हालांकि, ईरान की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ट्रंप के बयान के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खुल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका से सीधे संपर्क किया है। हालांकि, इस संपर्क से जुड़े अधिकारी का नाम बताने से उन्होंने इनकार किया। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वाकई दोनों देशों के बीच तनाव खत्म होने की ओर बढ़ रहा है? ईरान ने ट्रंप के दावे पर फिलहाल बेहद सावधानी भरा रुख अपनाया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि देश अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और हितों से समझौता किए बिना कूटनीतिक बातचीत के लिए तैयार है। यानी बातचीत की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है, लेकिन किसी अंतिम समझौते पर अभी मुहर नहीं लगी है।
यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के साथ-साथ उन खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया था। सात महीने चले इस संघर्ष में हजारों लोगों की जान गई और लाखों लोग विस्थापित हुए। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। चीन ने अमेरिका और ईरान दोनों से संयम बरतने, जून में हुए अंतरिम शांति समझौते को फिर से सक्रिय करने और बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रंप के दावे के बाद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत वास्तव में आगे बढ़ती है या नहीं। अगर दोनों देशों के बीच समझौते की दिशा में ठोस कदम उठते हैं, तो सात महीने से जारी संघर्ष के बाद क्षेत्र में शांति की उम्मीद बढ़ सकती है।


