जापान के नागोया में आयोजित पैरा एशियाई खेलों के दौरान भारतीय दल से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख पर होटल की एक महिला कर्मचारी के साथ कथित छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद आयोजकों और भारतीय पैरालंपिक समिति ने कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। साथ ही, मंगलवार रात उन्हें वापस भारत भेज दिया गया।
खेल के मैदान पर खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन करते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान किसी खिलाड़ी पर इस तरह के आरोप लगना भारतीय दल के लिए असहज स्थिति पैदा करता है। फिलहाल, इस मामले में आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
तौलिया मांगने के बहाने बुलाया, महिला कर्मचारी ने की शिकायत
मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय दल नागोया के एक शेरेटन होटल में ठहरा हुआ था। आरोप है कि सोमवार को शम्स आलम शेख ने अपने कमरे में तौलिया मंगवाने के बहाने होटल की एक महिला कर्मचारी को बुलाया और उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। घटना के बाद महिला कर्मचारी ने होटल प्रशासन से शिकायत की। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। बताया जा रहा है कि उस समय शम्स होटल से निकलकर तैराकी प्रतियोगिता के आयोजन स्थल पर पहुंच गए थे। जापान पुलिस ने भारतीय दल के अधिकारियों की मदद से उन्हें स्टेडियम में ढूंढा और मामले में पूछताछ की।
पहले आरोप से इनकार, फिर लिखित माफीनामा
जानकारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान शम्स ने शुरुआत में आरोपों से इनकार किया। हालांकि, बाद में उन्होंने कथित घटना के लिए लिखित माफीनामा दिया। भारतीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने उनसे माफीनामा लिखवाया। इसके बाद उन्हें संबंधित होटल छोड़ने के लिए कहा गया। मामले के बाद शम्स को दूसरे होटल में ठहरना पड़ा। मंगलवार रात भारतीय पैरालंपिक समिति ने उन्हें वापस भारत भेज दिया। हालांकि, इस मामले में उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस की कार्रवाई और संभावित कानूनी परिणामों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्पर्धा में नहीं ले पाए हिस्सा
शम्स आलम शेख को बुधवार को 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करना था। लेकिन विवाद के बाद एशियाई पैरा तैराकी महासंघ ने प्रतियोगियों की आधिकारिक सूची से उनका नाम हटा दिया। इसके चलते वह इस स्पर्धा में हिस्सा नहीं ले सके। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अंतरराष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ उनके अनुशासन और आचरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
भारत लौटने के बाद हो सकती है कड़ी कार्रवाई
भारतीय दल के शेफ-डी-मिशन राहुल स्वामी ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि इसे गंभीरता से लिया गया है। उनके मुताबिक, शम्स आलम शेख को तत्काल भारत वापस भेज दिया गया है। भारत पहुंचने के बाद उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसमें भविष्य की खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं। वहीं, शम्स आलम शेख ने फिलहाल इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार किया है। ऐसे में उनके पक्ष और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने का इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर खिलाड़ियों के आचरण पर फिर सवाल
यह मामला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के आचरण और अनुशासन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। इससे पहले भी 2006 के मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भारतीय दल के एक सदस्य पर होटल कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा था। फिलहाल, नागोया में सामने आए इस मामले में आगे की जांच और भारतीय पैरालंपिक समिति के फैसले पर नजर रहेगी। किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ आरोप गंभीर होते हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष तथ्यों और संबंधित पक्षों की जानकारी के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।


