नई दिल्ली : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। खासकर भारतीय महिला बॉक्सरों ने अपने दमदार खेल से देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। रिंग में उतरीं प्रीती पवार और जैस्मिन ने अपने-अपने मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज करते हुए भारत की झोली में दो स्वर्ण पदक डाल दिए।
महिला बॉक्सिंग में भारत की उम्मीदों को लेकर काफी उत्साह था और खिलाड़ियों ने उस उम्मीद को पूरी तरह सच साबित किया। 54 किलो वजनी वर्ग के फाइनल मुकाबले में प्रीती पवार ने कनाडा की एस. एस. डेलगाडो को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में खेलते हुए प्रीती ने मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी और प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। वहीं, 57 किलो वजनी वर्ग में जैस्मिन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने उत्तर आयरलैंड की अनुभवी बॉक्सर और चार बार की कॉमनवेल्थ पदक विजेता मायकेला वॉल्श को 5-0 से मात दी। जैस्मिन के आत्मविश्वास और सटीक पंच ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इन दो स्वर्ण पदकों के साथ भारत की पदक संख्या अब 7 स्वर्ण, 13 रजत और 7 कांस्य समेत कुल 27 पदकों तक पहुंच गई है। भारत पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है।
ट्रिपल जंप में भी भारत का कमाल
एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में प्रवीण चित्रवेल ने रजत पदक जीतकर अपनी पिछली निराशा को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने 16.58 मीटर की छलांग लगाई। वहीं, सेल्वा प्रभू ने 16.52 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग लगाकर जीता। प्रवीण चित्रवेल के लिए यह पदक खास रहा, क्योंकि 2022 में वह बेहद कम अंतर से कांस्य पदक से चूक गए थे। इस बार उन्होंने शानदार वापसी करते हुए रजत पदक हासिल किया।
आगे भी पदकों की उम्मीद बरकरार
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार सफर अभी जारी है। पैरा एथलेटिक्स में शुभम जुयाल और सोमन राणा ने पुरुषों की F57 गोला फेंक स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई है। वहीं ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रवेल और सेल्वा प्रभू तिरुमारन ने भी फाइनल तक का सफर तय किया। महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल स्पर्धा में प्रियंका गोस्वामी और रविना गायकवाड़ भी पदक की उम्मीद लेकर मैदान में उतरेंगी। भारतीय खिलाड़ियों के इस जज्बे ने देशवासियों में एक बार फिर उम्मीद और गर्व की भावना जगा दी है।


