नागपुर : यात्रा के दौरान मोबाइल फोन खो जाना किसी भी यात्री के लिए चिंता का कारण बन जाता है। खासकर जब मोबाइल में जरूरी जानकारी और यादें जुड़ी हों। ऐसे ही एक मामले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल के मुख्य टिकट निरीक्षक (CTI) राजकुमार की सतर्कता और ईमानदारी ने एक यात्री के चेहरे पर फिर से मुस्कान ला दी।
दरअसल, 16 जुलाई 2026 को ट्रेन संख्या 12410 गोंडवाना एक्सप्रेस में ड्यूटी के दौरान CTI राजकुमार को नई दिल्ली से नागपुर की यात्रा कर रहे 21 वर्षीय यात्री गौरव वानखेड़े ने अपना आईफोन गुम होने की जानकारी दी। नागपुर स्टेशन पर उतरने से पहले यात्री ने काफी तलाश की, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। फोन का नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं हो रहा था। यात्री की परेशानी को समझते हुए CTI राजकुमार ने उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने पहले सीट के आसपास दोबारा जांच करने की सलाह दी, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। इसके बाद यात्री को आवश्यक प्रक्रिया के तहत जीआरपी नागपुर में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। ट्रेन के दुर्ग स्टेशन पहुंचने पर एक सहयात्री ने सीट के नीचे सीट कवर के पास एक आईफोन मिलने की जानकारी CTI राजकुमार को दी। मोबाइल मिलते ही उन्होंने बिना देरी किए यात्री तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने यात्री के पीएनआर विवरण से संपर्क नंबर प्राप्त किया और लगातार प्रयास कर उनके परिजनों से संपर्क किया। बाद में स्वयं गौरव वानखेड़े से बात कर उन्हें उनके मोबाइल के सुरक्षित मिलने की जानकारी दी गई।
मोबाइल मिलने की खबर सुनते ही यात्री और उनके परिवार ने राहत की सांस ली। CTI राजकुमार ने उन्हें अगले दिन पहचान पत्र के साथ मोबाइल प्राप्त करने के लिए बुलाया। उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की यात्री एवं परिजनों ने जमकर सराहना की और रेलवे के प्रति आभार व्यक्त किया। इस पूरे मामले पर मंडल रेल प्रबंधक, नागपुर मंडल दीपक कुमार गुप्ता ने कहा कि रेलवे केवल यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का काम नहीं करता, बल्कि उनकी सुरक्षा और विश्वास की जिम्मेदारी भी निभाता है। उन्होंने CTI राजकुमार के प्रयासों को सराहनीय बताते हुए इसे अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणा बताया। वहीं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक दिलीप सिंह ने कहा कि यात्रियों की सेवा और उनकी अमानत की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है। CTI राजकुमार का यह प्रयास ‘यात्री सेवा सर्वोपरि’ की भावना को दर्शाता है। रेलवे कर्मचारियों की ऐसी ईमानदार पहल यात्रियों के मन में विश्वास बढ़ाती है और यह संदेश देती है कि सफर के दौरान रेलवे केवल एक माध्यम नहीं, बल्कि यात्रियों का भरोसेमंद साथी भी है।


