दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाय दुबई की FZ1073 फ्लाइट में बुधवार को ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने विमान में सवार 174 यात्रियों की जान को खतरे में डाल दिया। विमान में 27 बच्चे भी मौजूद थे। उड़ान के दौरान पहले अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन कोड ‘7700’ और उसके बाद हाइजैक का संकेत देने वाला ‘7500’ कोड भेजा गया। इसके बाद इजरायल की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और संभावित खतरे को देखते हुए लड़ाकू विमान भी तैनात किए गए।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई के कैप्टन स्मित मच्छार की हो रही है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, विमान के कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हाथापाई हुई। इसी दौरान आपातकालीन संदेश भेजा गया। बताया जा रहा है कि इस झड़प में स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला हुआ और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात बेहद मुश्किल थे, लेकिन मच्छार ने आखिरी वक्त तक हिम्मत नहीं छोड़ी। बताया जा रहा है कि बेहोश होने से पहले उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक कर दिया। इसी वजह से विमान में मौजूद अन्य लोगों को कॉकपिट के अंदर की स्थिति का पता चला और हालात को संभालने में मदद मिली।
इसके बाद विमान का रास्ता बदला गया और उसे वापस सऊदी अरब की ओर ले जाया गया। आखिरकार विमान सुरक्षित रूप से सऊदी अरब में उतर गया। इस तरह विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बच गई। इस घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय में भी सुरक्षा को लेकर तत्काल बैठक हुई। मामले में आतंकी हमले की आशंका भी जताई गई है। वहीं, कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके साहस की सराहना की है। एक पायलट के लिए हर सेकंड अहम होता है, लेकिन उस वक्त जब खुद की जान खतरे में हो और सामने सैकड़ों यात्रियों की जिंदगी हो, तब लिया गया एक फैसला कई जिंदगियां बचा सकता है। स्मित मच्छार के बारे में सामने आई जानकारी इसी साहस की कहानी बयां करती है।


