मुंबई. महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने दिवाली के मौके पर किसानों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। राज्य में तकनीकी और भौगोलिक समस्याओं के कारण जिन क्षेत्रों में खरीफ फसलों का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है, वहां अब ‘ई-फेरफार’ प्रणाली के माध्यम से फसल निरीक्षण किया जाएगा। इस फैसले से राज्य के करीब 70 लाख किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
राज्य के कई दुर्गम इलाकों में नेटवर्क की समस्या और अन्य तकनीकी कारणों से ऑनलाइन फसल पंजीकरण में परेशानी आ रही थी। इसके चलते किसानों की फसल संबंधी जानकारी दर्ज नहीं हो पा रही थी। अब ऐसे मामलों में तलाठी स्तर पर फसल का निरीक्षण कर ई-फेरफार प्रणाली के जरिए रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस संबंध में राजस्व विभाग को निर्देश दिए हैं।
सरकार ने किसानों के लिए एक और अहम फैसला लिया है। राज्य में कई ऐसे किसान हैं, जो आदिवासी या अन्य जमीनों पर खेती कर रहे हैं, लेकिन जमीन के रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज नहीं है। इस वजह से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी होती है।
सरकार ने फैसला किया है कि जिन किसानों के पास 1 जनवरी 2015 से पहले जमीन पर खेती करने का कोई एक भी प्रमाण या अधिकार संबंधी दस्तावेज मौजूद है, उन्हें फार्मर आईडी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकारी जमीन पर खेती करने वाले पात्र किसानों को भी इस फैसले का लाभ मिल सकेगा।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के मुताबिक, राज्य में एक लाख से अधिक किसानों की फसल पंजीकरण प्रक्रिया विभिन्न कारणों से अटकी हुई है। अब ऑफलाइन फसल निरीक्षण और ई-फेरफार के माध्यम से इन समस्याओं को दूर किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी।
बावनकुले ने बताया कि राज्य सरकार के सभी मंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों के घर जाकर दिवाली मनाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री भी किसानों के बीच जाकर उनके साथ दिवाली मनाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों की समस्याओं को करीब से समझने और उनका समाधान करने के लिए प्रयास कर रही है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री सहायता निधि कक्ष को अब तहसील स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। इससे जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
अभिनेता सयाजी शिंदे के पेड़ों की कटाई और हाइड्रो प्रोजेक्ट से जुड़े आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि हाइड्रो प्रोजेक्ट से किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इससे सस्ती बिजली का लाभ भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई उचित नहीं है, लेकिन हाइड्रो प्रोजेक्ट को रोकना भी सही नहीं होगा। सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने और पेड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर विचार कर सकती है।


