महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में फसलें खराब होने के साथ ही आने वाले दिनों में पीने के पानी और पशुओं के चारे की समस्या भी सामने आ सकती है। ऐसे में राज्य सरकार ने सूखे से निपटने के लिए जरूरी कदम तेज करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे की स्थिति पर तुरंत फैसले लेने के लिए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में विशेष मंत्रिमंडल उपसमिति बनाने की घोषणा की है। इस समिति को सीधे मंत्रिमंडल के अधिकार दिए गए हैं। समिति हर सप्ताह बैठक करेगी और सूखे से जुड़े जरूरी फैसले लेगी।
बावनकुले की अध्यक्षता में बनी समिति
इस विशेष उपसमिति के अध्यक्ष राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले होंगे। समिति में गिरीश महाजन, गुलाबराव पाटील, पंकजा मुंडे, दत्तात्रय भरणे, जयकुमार गोरे, संजय राठोड, प्रताप सरनाईक, बाबासाहेब पाटील और मकरंद पाटील सदस्य होंगे। राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल को सदस्य सचिव बनाया गया है।
शनिवार तक जारी होगी पहली अधिसूचना
मुख्यमंत्री फडणवीस के मुताबिक, राज्य में सूखे की स्थिति से जुड़ा पूरा डेटा सरकार ने जुटा लिया है। इसी आधार पर शनिवार तक सूखे को लेकर पहली अधिसूचना जारी की जाएगी। वहीं किसानों को जल्द राहत मिल सके, इसके लिए फसल नुकसान के पंचनामे कल से ही खेतों में जाकर शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। इन पंचनामों के आधार पर किसानों को मदद देने के साथ ही केंद्र सरकार से NDRF के नियमों के तहत सहायता लेने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
सोयाबीन, मक्का और कपास को बड़ा नुकसान
राज्य के कई हिस्सों में फसलें सूखने की स्थिति में हैं। सोयाबीन, मक्का और कपास की फसलों पर सूखे का ज्यादा असर पड़ा है। वहीं कोंकण में धान और दूसरे इलाकों में ज्वार को भी नुकसान हुआ है। सरकार के सामने सिर्फ फसल नुकसान ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में पानी और चारे की व्यवस्था बनाए रखने की भी चुनौती है। फडणवीस ने कहा कि अगले सात से आठ महीने स्थिति गंभीर रह सकती है। इसलिए पीने के पानी और पशुओं के चारे की कमी न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
केंद्र से मदद लेने की तैयारी
सूखे के लिए केंद्र सरकार से NDRF के नियमों के तहत मदद लेने के लिए कुछ जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले तीन दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर नियमों के अनुसार केंद्र से मदद लेने की दिशा में आगे बढ़ेगी। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। वे कल लातूर, सोलापुर और धाराशिव जिलों के दौरे पर जाएंगे। ऐसे में किसानों की स्थिति का जमीनी स्तर पर जायजा लेने के बाद सरकार की ओर से आगे कौन से फैसले लिए जाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।


