ब्रिटेन के RAF Fairford एयरबेस से अमेरिकी B-1 बॉम्बर विमानों को अचानक हटाए जाने के मामले में अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को एयरबेस को लेकर कुछ खतरे की जानकारी मिली थी, इसलिए वहां मौजूद बॉम्बर विमानों को वापस अमेरिका भेजने का फैसला लिया गया। पेंटागन ने भी पुष्टि की है कि Fairford से तैनात अमेरिकी बॉम्बर विमानों को उनके घरेलू ठिकानों पर वापस भेज दिया गया है।
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विमानों को वहां से हटाना कोई संयोग नहीं था। उन्हें संभावित खतरे की जानकारी थी और ऐसे हालात में विमानों को एयरबेस पर रखना उचित नहीं समझा गया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका को उन लोगों के बारे में जानकारी है, जिन्होंने कथित तौर पर खतरा पैदा किया था। हालांकि उन्होंने इसके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। इस पूरे मामले की कड़ी पिछले सप्ताह RAF Fairford के पास हुई एक घटना से भी जुड़ती दिखाई दे रही है। ब्रिटिश काउंटर-टेररिज्म पुलिस ने एयरबेस के आसपास संदिग्ध गतिविधि के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया। एक UK-Iranian नागरिक को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसे बाद में पुलिस जमानत पर छोड़ दिया गया। जांच में अभी तक किसी विस्फोटक उपकरण के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिकी अधिकारियों के बयानों में हालांकि थोड़ा अंतर दिखाई देता है। उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि बॉम्बर्स को ‘अत्यधिक सावधानी’ बरतते हुए हटाया गया। वहीं विदेश मंत्री Marco Rubio ने इस कदम को सैन्य संसाधनों की सामान्य पुनर्तैनाती का हिस्सा बताते हुए इसे सीधे Fairford की घटना से जोड़ने से परहेज किया। मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि RAF Fairford अमेरिका के लिए यूरोप में भारी बॉम्बर विमानों के प्रमुख ठिकानों में से एक है। हाल के महीनों में यहां से B-1 और B-52 बॉम्बर विमानों का इस्तेमाल मध्य-पूर्व में अमेरिकी अभियानों के लिए किया गया था। विमानों को हटाने से क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य क्षमता पर कुछ समय के लिए असर पड़ सकता है।
ईरान पर इस कथित खतरे से जुड़े होने के आरोप भी लगाए गए हैं, लेकिन तेहरान ने इन आरोपों को खारिज किया है। ब्रिटिश अधिकारियों की ओर से मामले में विदेशी भूमिका की आशंका जताई गई है, लेकिन जांच अभी जारी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर RAF Fairford को लेकर अमेरिका को किस तरह का खतरा मिला था और इसके पीछे कौन था? फिलहाल इसका स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।


