मुंबई: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (MSRTC) ने निर्धारित होटलों के अलावा अन्य स्थानों पर बस रोकने वाले चालक और परिचालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अब अनधिकृत स्थानों पर बस रोकने पर लगाया जाने वाला जुर्माना संबंधित कर्मचारियों के वेतन से सीधे वसूला जाएगा।
यात्रियों की सुरक्षा, सेवा में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए MSRTC ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महामंडल ने चालक और परिचालकों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि निर्धारित होटलों के अलावा अन्य स्थानों पर बस रोकने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महामार्गों पर अनधिकृत होटलों के पास बसें रोकने की शिकायतों के बाद एसटी के उड़न दस्ते ने विशेष अभियान शुरू किया है। पिछले दो महीनों में कुल 131 बसों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। इनमें अप्रैल महीने की 46 और मई महीने की 85 बसें शामिल हैं।
MSRTC ने यात्रियों की सुविधा के लिए महामार्गों के किनारे कुछ अधिकृत होटलों को बस स्टॉप के रूप में निर्धारित किया है। इन होटलों के लिए स्वच्छता, भोजन दरों और अन्य सुविधाओं से जुड़े मानक तय किए गए हैं। हालांकि, कुछ चालक व्यक्तिगत लाभ के लिए बसों को अनधिकृत होटलों के पास रोक रहे थे, जिसकी शिकायतें प्रशासन को मिली थीं।
महामंडल के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रत्येक मामले में संबंधित चालक और परिचालक पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना सीधे
कर्मचारियों के वेतन से काटा जा रहा है।


