HDFC Bank के नए CEO के तौर पर अनूप बागची की नियुक्ति को भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को बैंक के शेयर में शुरुआती तेजी देखने को मिली। शेयर करीब 1.8 फीसदी चढ़कर ₹734 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा। हालांकि, बाद में बढ़त कायम नहीं रह सकी और सुबह 10:30 बजे के आसपास शेयर करीब 0.5 फीसदी की गिरावट के साथ ₹716 पर कारोबार कर रहा था।
अनूप बागची 27 अक्टूबर 2026 से HDFC Bank के MD और CEO का पद संभालेंगे। वह शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नई नियुक्ति से बैंक के नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता कम हुई है। अब निवेशकों की नजर बैंक की आगे की ग्रोथ रणनीति, गवर्नेंस और निवेशकों का भरोसा मजबूत करने पर रहेगी। 2026 में HDFC Bank के शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है। मौजूदा स्तरों पर शेयर साल की शुरुआत से करीब 25 फीसदी नीचे है। इसके मुकाबले सेंसेक्स करीब 14.8 फीसदी और निफ्टी करीब 13.5 फीसदी नीचे है। तकनीकी विश्लेषक जतिन गेडिया के मुताबिक, शेयर के डेली चार्ट पर लगातार लोअर हाई और लोअर लो बन रहे हैं, जो डाउनट्रेंड की ओर संकेत करते हैं। हालांकि, सितंबर के दूसरे सप्ताह में ₹690-680 के आसपास बने हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न से इस स्तर पर खरीदारी के संकेत मिले थे।
ड्रमिल विठलानी के मुताबिक, शेयर ₹680 के बेस से रिकवर हुआ है और फिलहाल शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। ₹700 के ऊपर रहने तक शेयर का रुख सावधानी के साथ सकारात्मक रह सकता है। नीचे की तरफ ₹680 अगला अहम सपोर्ट है। वहीं, ₹735-745 के बीच तत्काल रेजिस्टेंस और उसके बाद ₹760 का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा। जतिन गेडिया के अनुसार, ₹710-696 का क्षेत्र अहम सपोर्ट जोन है, जबकि ₹740-750 तत्काल चुनौती वाला क्षेत्र है। अगर शेयर ₹750 के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो मौजूदा लोअर हाई-लोअर लो की संरचना टूट सकती है और ट्रेंड में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं।


