ITR Filing 2026: सैलरी ₹12.75 लाख से कम, फिर भी देना पड़ सकता है टैक्स! जानिए क्यों हो सकती है अतिरिक्त देनदारी

नई टैक्स व्यवस्था में कई कर्मचारियों को लगता है कि ₹12.75 लाख तक की आय पूरी तरह टैक्स फ्री है, लेकिन शेयर बाजार, ऑनलाइन गेमिंग, लॉटरी या अन्य विशेष आय होने पर टैक्स देना पड़ सकता है।

नई दिल्ली : इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का सीजन शुरू होते ही सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि किसे टैक्स देना होगा और किसे नहीं। नई टैक्स व्यवस्था लागू होने के बाद कई नौकरीपेशा लोगों को यह भरोसा हो गया है कि अगर उनकी सालाना सैलरी ₹12.75 लाख तक है तो उन्हें कोई टैक्स नहीं भरना पड़ेगा। लेकिन आयकर नियमों की गहराई में जाएं तो तस्वीर कुछ अलग नजर आती है।

टैक्स विशेषज्ञों के मुताबिक, धारा 87A के तहत मिलने वाली टैक्स छूट सिर्फ सामान्य टैक्स स्लैब में आने वाली आय पर लागू होती है। यानी केवल वेतन या सामान्य आय पर राहत मिल सकती है। लेकिन कुछ आय ऐसी होती हैं जिन पर अलग नियम और अलग टैक्स दरें लागू होती हैं।अगर किसी व्यक्ति की सैलरी ₹12.75 लाख से कम है, लेकिन उसे शेयर बाजार से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG), लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG), ऑनलाइन गेमिंग या फैंटेसी स्पोर्ट्स से जीती गई राशि, लॉटरी या घुड़दौड़ जैसी गतिविधियों से कमाई हुई है, तो उस पर अलग से टैक्स लग सकता है।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की सैलरी ₹12 लाख है और उसने किसी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर ₹50,000 जीते हैं, तो यह रकम सामान्य आय में नहीं मानी जाएगी। इस पर 30 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाया जा सकता है। कई प्लेटफॉर्म भुगतान से पहले ही TDS भी काट लेते हैं। ITR भरते समय सिर्फ सैलरी की जानकारी देना काफी नहीं है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शेयर खरीद और बिक्री का पूरा विवरण दर्ज करें, STCG और LTCG को सही हेड में दिखाएं, AIS और Form 26AS की जानकारी से मिलान करें और लॉटरी, गेमिंग या अन्य पुरस्कार राशि भी ITR में शामिल करें।

अगर कोई व्यक्ति यह सोचकर विशेष आय छिपा देता है कि उसकी सैलरी ₹12.75 लाख से कम है, तो बाद में आयकर विभाग की तरफ से टैक्स डिमांड या नोटिस आ सकता है। AIS, बैंक रिकॉर्ड और TDS डेटा के जरिए विभाग को कई तरह की जानकारी पहले से मिल जाती है।वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि ITR में सभी आय की पूरी और सही जानकारी देना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। इससे भविष्य में ब्याज, पेनल्टी या नोटिस जैसी परेशानियों से बचा जा सकता है। इसलिए सिर्फ सैलरी कम होने के आधार पर पूरी आय को टैक्स फ्री मान लेना सही नहीं है।

लोकतंत्र मिरर

लोकतंत्र मिरर जनता का भरोसेमंद न्यूज चैनल 📍 महाराष्ट्र | पूरे भारत की खबरें ⚡ राजनीति | व्यापार | मनोरंजन | खेल | ताजा अपडेट 📢 ब्रांड प्रमोशन/ विज्ञापन के लिए संपर्क करे: 📞 9545924968/7758043733

Related Posts

दिग्गज तेलुगु अभिनेत्री पवला श्यामला का निधन, सिनेमा जगत में शोक

तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की वरिष्ठ अभिनेत्री पवला श्यामला का मंगलवार  को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। हैदराबाद के उस्मानिया जनरल अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें दिल…

Tata Sons का बड़ा ऐलान! हर शेयर पर ₹1,10,717 का डिविडेंड, रिकॉर्ड मुनाफे के बाद शेयरधारकों को मिलेगा बंपर फायदा

नई दिल्ली :  टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी Tata Sons ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। कंपनी ने इस साल 31,961 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा…