नागपुर : नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स (एनवीसीसी) के प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्त (अपील) अजीत कुमार से मुलाकात कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया। इस दौरान जीएसटी अपील प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और करदाता-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। बैठक में लंबित अपीलों के शीघ्र निस्तारण, वर्चुअल हियरिंग की सुविधा, समय पर नोटिस एवं आदेशों के संप्रेषण तथा विभाग और व्यापार संगठनों के बीच नियमित संवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
एनवीसीसी के अध्यक्ष फारूक अकबानी ने कहा कि, अपीलों का समयबद्ध निस्तारण व्यापार जगत के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभाग और व्यापार संगठनों के बीच नियमित संवाद स्थापित करने की आवश्यकता बताई, ताकि अनावश्यक विवाद और मुकदमेबाजी में कमी लाई जा सके। मानद सचिव सीए हेमंत सारडा ने करदाताओं को सुनवाई के दौरान पर्याप्त अवसर देने तथा नोटिस और आदेशों को समय पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि इससे करदाताओं और कर सलाहकारों को समयबद्ध अनुपालन में सुविधा मिलेगी।
अप्रत्यक्ष कर समिति के संयोजक सीए रितेश मेहता ने कहा कि तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों के कारण वास्तविक मामलों में न्याय प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने जहां संभव हो, प्रक्रियात्मक कमियों के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने और वर्चुअल हियरिंग की सुविधा को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। साथ ही समान प्रकृति के मामलों में निर्णयों में एकरूपता बनाए रखने पर भी बल दिया। ज्ञापन में अपीलों के शीघ्र निस्तारण, करदाताओं को पर्याप्त सुनवाई का अवसर, वर्चुअल हियरिंग की सुविधा, समय पर नोटिस एवं आदेशों का संप्रेषण तथा व्यापार संगठनों के साथ नियमित संवाद जैसे सुझाव शामिल किए गए।
सीजीएसटी आयुक्त (अपील) अजीत कुमार ने एनवीसीसी द्वारा प्रस्तुत सुझावों की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि विधिक प्रावधानों के अनुरूप करदाताओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी अपीलीय व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग और व्यापारिक संगठनों के बीच सकारात्मक संवाद से कर अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा और अनावश्यक विवादों में कमी आएगी। बैठक में सीजीएसटी के अधीक्षक प्रशांत वरकर भी उपस्थित थे। यह बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और इसे कर प्रशासन तथा व्यापार जगत के बीच बेहतर समन्वय और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना गया।


