नागपुर : राज्य के वन पट्टाधारकों के लिए सरकार ने बड़ा राहतभरा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने लंबे समय से लंबित वन पट्टाधारकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के दो लाख से अधिक आदिवासी और अन्य पारंपरिक वन निवासी परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार के निर्णय के अनुसार, वन पट्टाधारकों का अलग से गांव नमूना 7-ई में पंजीकरण किया जाएगा, जबकि संबंधित भूमि पर उगाई जाने वाली फसलों का रिकॉर्ड गांव नमूना 12-ई में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही पात्र आदिवासियों और अन्य पारंपरिक वन निवासियों को वन पट्टे भी प्रदान किए जाएंगे।
इस फैसले के बाद वन पट्टाधारकों के लिए फार्मर आईडी बनवाना, बैंक से ऋण प्राप्त करना, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेना और प्राकृतिक आपदा के समय सरकारी सहायता हासिल करना पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा। वर्षों से राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज न होने के कारण आने वाली परेशानियां भी काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।
इस निर्णय के लिए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे का विशेष आभार व्यक्त किया गया है। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के अध्यक्ष आकाश मडावी ने कहा कि यह फैसला राज्य के आदिवासियों और वन पट्टाधारकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला साबित होगा।


