लद्दाख: भारत के साहसिक अभियानों में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। पहलगाम स्थित जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (JIM & WS) की 22 सदस्यीय टीम ने लद्दाख के रुमत्से फू क्षेत्र में स्थित माउंट ख्याम त्सो मैसिफ की कठिन चोटियों को सफलतापूर्वक फतह कर नया कीर्तिमान बनाया है। इस अभियान की शुरुआत 26 जून को टीम लीडर कर्नल हेम चंद्र सिंह के नेतृत्व में हुई थी।
लद्दाख की ऊंचाई और मौसम के अनुसार खुद को तैयार करने के बाद टीम ने 2 जुलाई को खराब मौसम के बीच 5901 मीटर ऊंची चोटी पर सफलता हासिल की। इसी दौरान कर्नल हेम चंद्र सिंह ने 5600 मीटर की ऊंचाई से पहली बार पैराग्लाइडिंग उड़ान भरकर इस अभियान को और भी ऐतिहासिक बना दिया। इसके बाद टीम ने 3 जुलाई को लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हुए 6090 मीटर ऊंची तकनीकी चोटी और 5944 मीटर ऊंचे पीक पॉइंट पर भी तिरंगा लहराया। कठिन मौसम और दुर्गम रास्तों के बावजूद टीम ने साहस, धैर्य और बेहतरीन टीमवर्क का परिचय दिया।
अभियान का अंतिम पड़ाव 5 जुलाई को पूरा हुआ, जब टीम ने माउंट ख्याम-III (6018 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की और सुरक्षित रूप से रोडहेड कैंप लौट आई। यह अभियान सिर्फ पर्वतारोहण की सफलता नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते साहसिक कौशल और अनदेखे हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ती मौजूदगी का भी प्रतीक है। कठिन परिस्थितियों में हासिल की गई यह उपलब्धि युवाओं को रोमांच, अनुशासन और देशभक्ति की नई प्रेरणा देती है।


