मुंबई : पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने मुंबईवासियों को बड़ी राहत दी है। कुछ सप्ताह पहले तक जिन जलाशयों का जलस्तर चिंता का विषय बना हुआ था, वहीं अब तेजी से पानी भरने लगा है। मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सातों जलाशयों में कुल जलभंडारण बढ़कर 41.36 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सिर्फ पिछले 24 घंटों में ही जलसंग्रहण में 12.44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बारिश का सबसे अधिक फायदा नासिक जिले के इगतपुरी और आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों को हुआ है, जहां लगातार हो रही वर्षा से जलाशयों में तेजी से पानी आ रहा है। इसी का असर मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। अच्छी बारिश के चलते प्रशासन ने अपर वैतरणा के आरक्षित जल का उपयोग भी फिलहाल रोक दिया है, क्योंकि प्राकृतिक रूप से पर्याप्त पानी मिलने लगा है। इस बीच एक और अच्छी खबर सामने आई है। तुळशी और विहार जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं और उनसे पानी ओवरफ्लो होना शुरू हो गया है। हालांकि इन दोनों जलाशयों की क्षमता अपेक्षाकृत कम है, लेकिन इनके भरने को मानसून की मजबूत शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।
फिलहाल हालात राहत देने वाले जरूर हैं, लेकिन मौसम विशेषज्ञ पूरी तरह निश्चिंत नहीं हैं। उनका मानना है कि अगस्त और सितंबर में एल नीनो का असर बढ़ने की संभावना है। यदि उस दौरान बारिश की रफ्तार धीमी पड़ती है तो जलसंग्रहण पर असर पड़ सकता है। इसलिए अभी से पूरी तरह बेफिक्र होने की स्थिति नहीं है। मुंबई की रोजाना की पानी की जरूरत करीब 4,100 मिलियन लीटर है, जिसकी पूर्ति सात प्रमुख जलाशयों से होती है। ऐसे में आने वाले कुछ हफ्तों की बारिश यह तय करेगी कि इस साल शहर को पानी की कमी का सामना करना पड़ेगा या नहीं। फिलहाल लगातार हो रही बारिश ने लोगों के चेहरे पर राहत जरूर लौटाई है।


