पुणे : पुणे के भोर से महाड को जोड़ने वाला वरंध घाट एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में आ गया है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते घाट में कई जगहों पर देर रात से पत्थर और मलबा गिरना शुरू हो गया, जिससे पूरा मार्ग बंद हो गया।
इस हादसे के कारण लगभग 27 वाहन और करीब 70 से 80 यात्री रातभर रास्ते में ही फंसे रह गए। यात्री शिरगांव से आगे वाघजाई मंदिर के पास दोनों ओर से रास्ता बंद होने के कारण आगे-पीछे कहीं नहीं जा सके। हालांकि सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं और प्रशासन की ओर से उन्हें खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई है। रात से ही प्रशासन और बचाव दल मलबा हटाने के काम में जुटे हुए हैं। अब तक करीब 10 छोटे-बड़े भूस्खलन हटाए जा चुके हैं, लेकिन लगातार बारिश और नए भूस्खलन राहत कार्य में बाधा डाल रहे हैं।
इसी बीच शिरगांव इलाके में एक स्थानीय होटल भी डोंगर का हिस्सा गिरने से ढह गया, जिससे वहां सामान का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। फिलहाल वरंध घाट पूरी तरह से बंद है और प्रशासन ने लोगों से इस मार्ग से यात्रा न करने की अपील की है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।


