नागपुर: अनुसूचित जाति आरक्षण के उप-वर्गीकरण की मांग को लेकर मंगलवार को नागपुर में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने विशाल लक्षवेधी महामोर्चा निकाला। इस मोर्चे में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने हिस्सा लिया और महाराष्ट्र सरकार से सर्वोच्च न्यायालय के 1 अगस्त 2024 के फैसले के अनुरूप अनुसूचित जाति आरक्षण का उप-वर्गीकरण तत्काल लागू करने की मांग की।
महामोर्चा यशवंत स्टेडियम से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से निकाला गया। इसमें चर्मकार सेवा संघ, मांग गारोड़ी समाज कल्याण समिति सहित कई सामाजिक संगठन शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। मोर्चे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अनुसूचित जाति के भीतर उप-वर्गीकरण लागू होने से लंबे समय से वंचित वर्गों को आरक्षण का वास्तविक लाभ मिल सकेगा। उनका कहना था कि इससे समाज के जरूरतमंद युवाओं को सरकारी और अर्धसरकारी नौकरियों में अधिक अवसर मिलेंगे और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूती मिलेगी।
सामाजिक संगठनों ने सरकार से दलित बस्ती विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने तथा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की। उनका कहना था कि केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस निर्णयों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही समाज का विकास संभव है। महामोर्चे में शामिल प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि महाराष्ट्र सरकार सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप जल्द निर्णय लेकर उनकी लंबित मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करेगी। फिलहाल इस मुद्दे पर सरकार के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


