श्रीकाकुलम/नागपुर : राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की नागपुर क्षेत्रीय इकाई ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में अवैध वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। दो दिनों तक चले अभियान में कई दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीवों को सुरक्षित बचाया गया।
जानकारी के मुताबिक, DRI की टीम ने श्रीकाकुलम शहर में एक संदिग्ध को पकड़कर उसके कब्जे से पिंजरों में बंद चार मालाबार जायंट गिलहरियां, एक इंडियन स्टार कछुआ और 14 जंगल फाउल बरामद किए। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए अधिकारियों ने रायाकुर्दी गांव के एक दूरदराज इलाके में देर रात तक अभियान चलाया। कठिन रास्तों, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं के अभाव के बावजूद टीम ने कार्रवाई जारी रखी और वहां से दो छोटे इंडियन सिवेट (कस्तूरी बिलाव) के बच्चों को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया। जांच में सामने आया कि ये सभी वन्यजीव वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। ऐसे जीवों का शिकार, कब्जा, परिवहन और व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसी आधार पर सभी बरामद वन्यजीवों को जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए आरोपी और रेस्क्यू किए गए जानवरों को श्रीकाकुलम वन विभाग के हवाले कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इन दुर्लभ प्रजातियों की विदेशी पालतू पशु बाजार और वन्यजीव संग्राहकों के बीच काफी मांग रहती है। यही वजह है कि तस्कर लगातार इन्हें निशाना बनाते हैं, जिससे जैव विविधता और इन प्रजातियों के प्राकृतिक अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडराता है। DRI ने कहा कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी वन्यजीवों की अवैध खरीद-फरोख्त या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित करें। वन्यजीवों की सुरक्षा में आम नागरिकों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।


