नागपुर/मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की परिवहन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और तेज़ बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मंत्रिमंडल की बैठक में नागपुर मेट्रो फेज-2 के विस्तार और मुंबई में स्वातंत्र्यवीर सावरकर सागरी सेतु को वांद्रे किले से जोड़ने वाले कनेक्टर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई। माना जा रहा है कि इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लाखों लोगों का सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और समय बचाने वाला होगा।
मुंबई के लिए स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत स्वातंत्र्यवीर सावरकर सागरी सेतु से वांद्रे किले तक करीब 3.55 किलोमीटर लंबा नया कनेक्टर बनाया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 1,722.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके निर्माण की जिम्मेदारी महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) को सौंपी जाएगी। इस कनेक्टर के बनने के बाद वर्तमान में 20 से 45 मिनट तक लगने वाला सफर घटकर लगभग 10 मिनट का रह जाएगा। इससे ट्रैफिक जाम कम होने के साथ-साथ यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, विदर्भ के लोगों के लिए भी सरकार ने अहम फैसला लिया है। नागपुर मेट्रो फेज-2 के तहत कन्हान नदी से कन्हान शहर तक करीब 1.40 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड मेट्रो लाइन बनाई जाएगी। इस मार्ग पर एक नया मेट्रो स्टेशन भी प्रस्तावित है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 310.35 करोड़ रुपये रखी गई है और इसका निर्माण महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो) द्वारा किया जाएगा।
हालांकि, नागपुर मेट्रो विस्तार परियोजना पर वास्तविक काम केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही शुरू होगा। सरकार का मानना है कि इन दोनों परियोजनाओं से राज्य की परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और आम नागरिकों का सफर पहले से अधिक तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा।


