मुंबई : महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’ को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। विधानसभा में सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, योजना का लाभ कई ऐसे लोगों ने भी लिया जो इसके लिए पात्र नहीं थे। इस मामले के सामने आने के बाद सरकार ने अब सख्त रुख अपनाया है और जिलाधिकारियों को राशि की वसूली के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, हजारों सरकारी महिला कर्मचारियों ने पात्रता न होने के बावजूद इस योजना का लाभ प्राप्त किया। जांच में यह भी सामने आया कि केवल महिलाओं के लिए बनाई गई इस योजना के तहत कुछ पुरुषों के आवेदन भी मंजूर हो गए और उनके खातों में पैसे जमा हुए। इस वजह से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा शुरू कर दी है। विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर उनसे योजना के तहत मिली राशि वापस ली जाए।
लाभार्थियों के लिए जरूरी सूचना
सरकार ने योजना की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। जिन महिलाओं को अब तक योजना की राशि नहीं मिली है या भविष्य में भुगतान रुकने की आशंका है, उन्हें अपने बैंक खाते की जानकारी एक बार जरूर जांच लेनी चाहिए। विशेष रूप से यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक हो। यदि बैंक खाता आधार से जुड़ा नहीं है, तो सरकारी योजनाओं की राशि खाते में आने में दिक्कत हो सकती है।
जून महीने की किस्त किन्हें मिलेगी?
सरकार द्वारा ई-केवाईसी और अन्य जांच प्रक्रियाओं के जरिए लाभार्थियों का सत्यापन किया गया है। इस दौरान बड़ी संख्या में फर्जी और अपात्र आवेदनों को सूची से बाहर किया गया। अब केवल उन्हीं महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा जो सभी निर्धारित मानकों पर खरी उतरती हैं।सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सत्यापन के बाद बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को ही जून महीने की किस्त जारी की जाएगी। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए आगे भी नियमित जांच जारी रहेगी।


