मूंबई : बढ़ती मांग और ईंधन की जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर नए नियम लागू किए हैं। अब पेट्रोल पंपों से एक बार में 200 लीटर से अधिक डीजल और 40 लीटर से अधिक पेट्रोल नहीं खरीदा जा सकेगा। साथ ही कैन, बैरल या अन्य कंटेनरों में ईंधन देने पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी।
सरकार का कहना है कि हाल के दिनों में कुछ बड़े उपभोक्ता थोक खरीद के बजाय खुदरा पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में ईंधन खरीद रहे थे। इससे सामान्य ग्राहकों को परेशानी होने की आशंका बढ़ गई थी। इसी को देखते हुए ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने और कालाबाजारी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोलियम पदार्थों की जमाखोरी, अनधिकृत बिक्री, कैन या बैरल में बार-बार ईंधन भरवाना, असुरक्षित परिवहन, जरूरत से ज्यादा भंडारण और ईंधन में मिलावट जैसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जिन औद्योगिक या व्यावसायिक संस्थानों को बड़ी मात्रा में पेट्रोल या डीजल की आवश्यकता होती है, वे सीधे तेल विपणन कंपनियों से ही ईंधन खरीदें। यदि कोई थोक ग्राहक खुदरा पेट्रोल पंप से ईंधन खरीदता हुआ पाया जाता है, तो उसके साथ संबंधित पेट्रोल पंप संचालक पर भी कार्रवाई होगी।
अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित सीमा से अधिक ईंधन नहीं दिया जाएगा और वाहन को पेट्रोल पंप पर लाना अनिवार्य होगा। नियमों के पालन के लिए जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पुलिस को विशेष अधिकार दिए गए हैं।


