पश्चिम एशिया में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 750 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी में 225 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इससे निवेशकों में चिंता का माहौल देखा गया।
वैश्विक बाजारों में भी इस भू-राजनीतिक तनाव का असर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका असर सोमवार को एशियाई बाजारों पर पड़ा। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग सहित कई प्रमुख एशियाई बाजारों में कमजोरी देखी गई। इसी क्रम में भारतीय बाजार भी दबाव में नजर आए। विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर घरेलू बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
रविवार को ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइलें दागीं, जिसके जवाब में इजरायल ने भी ईरानी ठिकानों पर हमले किए। दोनों देशों के बीच जारी तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे शेयर बाजारों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी और इनके आधार पर बाजार की दिशा तय हो सकती है।


