नागपुर: विदर्भ में सूरज देवता का रौद्र रूप शुरू हो चुका है। शनिवार को समूचा विदर्भ भीषण हीटवेव (Heatwave) की चपेट में रहा, जिससे पिछले कई सालों के गर्मी के रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं। आसमान से बरस रही आग के कारण अमरावती, अकोला और वर्धा जैसे शहर ‘हॉट चैंबर’ में तब्दील हो गए हैं। झुलसा देने वाली गर्मी और लू (Loo) के थपेड़ों ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शनिवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। यह इस साल का पहला मौका है जब तापमान ने 45.5 डिग्री सेल्सियस की लक्ष्मण रेखा को पार किया है। विदर्भ के दो प्रमुख जिले, अमरावती और अकोला, 45.6 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य के सबसे गर्म क्षेत्र रहे। वहीं, वर्धा में भी स्थिति गंभीर रही, जहाँ पारा 45.5 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह 10 बजे से ही सूरज के तेवर तीखे होने लगते हैं और दोपहर 12 बजते-बजते सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। गर्म हवाओं के कारण दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों का बुरा हाल है। बाजारों में रौनक कम हो गई है और लोग जरूरी कामों के लिए भी बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। गर्मी के कारण बिजली की मांग में भी भारी इजाफा हुआ है, जिससे कई इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या भी सामने आ रही है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले 48 से 72 घंटों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है। विदर्भ के अधिकांश हिस्सों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जैसी स्थिति बनी हुई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।


