मुंबई : खाने का स्वाद बढ़ाने वाले मसाले अगर मिलावटी या असुरक्षित हों, तो ये लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र के अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) ने मसालों और उनसे बने उत्पादों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। मुंबई में की गई इस कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन करने वाले 10 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
FDA की ओर से 1 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2026 के बीच मुंबई के 123 मसाला और मसालेजन्य पदार्थों के प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान साफ-सफाई में लापरवाही और सुरक्षा संबंधी नियमों का उल्लंघन सामने आने पर 54 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि 10 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
इन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई की जद में मुंबई सेंट्रल स्थित हिंदुस्तान मसाला ग्राइंडिंग मिल्स, सांताक्रूज पूर्व का गूसबम्प्स पिकल्स, अंधेरी पश्चिम के न्यू बॉम्बे मसाला शॉप और राठौड़ मसाला शॉप शामिल हैं। इसके अलावा बांद्रा पश्चिम के जैफसन, सांताक्रूज पश्चिम के श्री गजानन मसाला स्टोअर्स, घाटकोपर पूर्व के सी. एम. मसाला, मुलुंड पश्चिम के ठक्कर ट्रेडर्स, दहिसर पूर्व के पूर्विन इंडस्ट्रीज और भांडुप पश्चिम के अनंता फूड प्रोडक्ट के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
पूरे महाराष्ट्र में FDA का अभियान तेज
यह कार्रवाई सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है। राज्यभर में मसालों और उनसे बने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाए गए अभियान के तहत कुल 1,057 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान 84 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए और करीब 19 करोड़ 70 लाख रुपये का माल जब्त किया गया।
मसाले हर रसोई का अहम हिस्सा हैं और रोजाना लाखों लोग इनका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में उनकी गुणवत्ता और स्वच्छता से समझौता सीधे लोगों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। FDA की इस कार्रवाई से साफ है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।


