लगातार तीसरे मैच में बोनस अंक के साथ जीत दर्ज करने वाली मुंबई की टीम का दबदबा कायम। मुशीर के शतक और छह विकेट ने रचा इतिहास, तो तनुष कोटियन ने दूसरी पारी में झटके 8 विकेट।
मुंबई ने 64 गेंदों में खत्म किया मैच
रणजी ट्रॉफी 2026-27 में मुंबई की टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। 42 बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीत चुकी मुंबई ने हरियाणा को 10 विकेट से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि मुंबई ने तीनों मुकाबलों में बोनस अंक हासिल किए हैं। हरियाणा से मिले 97 रनों के लक्ष्य को मुंबई ने महज 10.4 ओवर यानी 64 गेंदों में हासिल कर लिया। इस जीत के हीरो रहे मुशीर खान और तनुष कोटियन, जिन्होंने बल्ले और गेंद से ऐसा प्रदर्शन किया कि हरियाणा की टीम मुकाबले में टिक नहीं सकी।
मुशीर खान का शतक और गेंदबाजी में कमाल
मुंबई की पहली पारी में अंगकृश रघुवंशी और मुशीर खान ने शतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंगकृश ने 114 रन बनाए, जबकि मुशीर ने 109 रनों की शानदार पारी खेली। कप्तान सिद्धेश लाड ने 33, सरफराज खान ने 40 और तनुष कोटियन ने नाबाद 50 रन बनाकर टीम का स्कोर 430 तक पहुंचाया।
इसके जवाब में हरियाणा की पहली पारी 270 रनों पर सिमट गई। हालांकि, निशांत सिंधू ने नाबाद 105 रनों की पारी खेलकर संघर्ष किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। मुंबई की ओर से मुशीर खान ने छह विकेट लेकर हरियाणा की बल्लेबाजी को बड़ा झटका दिया।
21वीं सदी में मुंबई के लिए मुशीर ने रचा इतिहास
मुशीर खान का प्रदर्शन इस मुकाबले की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। उन्होंने पहली पारी में शतक लगाने के साथ गेंदबाजी में पांच से अधिक विकेट लेने का कारनामा किया। इस तरह वह 21वीं सदी में एक ही रणजी ट्रॉफी मैच में शतक और पांच विकेट लेने वाले मुंबई के पहले खिलाड़ी बन गए। मुंबई की ओर से इससे पहले रवि शास्त्री ने 1990-91 के रणजी ट्रॉफी सीजन में एक मैच में शतक और पांच विकेट लेने का कारनामा किया था। अब मुशीर खान ने भी इस खास सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
तनुष कोटियन की गेंदबाजी के सामने बेबस हुआ हरियाणा
फॉलोऑन खेलने उतरी हरियाणा की टीम दूसरी पारी में भी मुंबई के गेंदबाजों का सामना नहीं कर सकी। टीम 256 रन ही बना पाई। हिमांशु राणा ने 46, निशांत सिंधू ने 44, जबकि सामंत जाखर और अनुज ठकराल ने 40-40 रनों का योगदान दिया। लेकिन तनुष कोटियन ने अपनी शानदार गेंदबाजी से हरियाणा की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने 34.3 ओवर में 81 रन देकर आठ विकेट झटके। वहीं, मुशीर खान ने दूसरी पारी में भी दो विकेट हासिल किए। इस तरह मुंबई ने हरियाणा को दूसरी पारी में समेटकर जीत का रास्ता साफ कर लिया।
अंगकृश और दिव्यांश ने 64 गेंदों में दिलाई जीत
97 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। अंगकृश रघुवंशी और दिव्यांश सक्सेना ने बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल कर लिया। दिव्यांश ने 25 गेंदों में नाबाद 30 रन बनाए, जबकि अंगकृश ने 39 गेंदों में नाबाद 67 रनों की पारी खेली। मुंबई की इस जीत ने एक बार फिर साबित किया कि टीम का दम सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है। मुशीर खान का ऑलराउंड प्रदर्शन, तनुष कोटियन की घातक गेंदबाजी और युवा बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी ने मुकाबले को पूरी तरह मुंबई के पक्ष में कर दिया। लगातार तीसरी बोनस अंक वाली जीत के साथ मुंबई ने रणजी ट्रॉफी में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है।


