पेरिस : फ्रेंच ओपन 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों के मुकाबले रोमांच से भरे रहे। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने निर्णायक गेम में मुश्किल हालात का सामना करते हुए जीत दर्ज की और महिला एकल के दूसरे दौर में प्रवेश किया। वहीं, युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने अनुभवी किदांबी श्रीकांत को हराकर सबका ध्यान खींचा। दूसरी ओर, लक्ष्य सेन अपने शुरुआती मुकाबले से पहले ही हट गए।
19-8 की बढ़त के बाद अचानक लड़खड़ाईं सिंधु
पीवी सिंधु ने थाईलैंड की सुपानिडा कटेथोंग को 21-14, 8-21, 23-21 से हराया। एरिना ग्रैंड पेरिस में खेला गया यह मुकाबला 64 मिनट तक चला। विश्व बैडमिंटन रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद सिंधु ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया और पहला गेम अपने नाम किया। हालांकि, दूसरे गेम में सुपानिडा ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
तीसरे गेम में सिंधु ने फिर लय पकड़ी और एक समय 19-8 की बड़ी बढ़त बना ली। ऐसा लग रहा था कि भारतीय खिलाड़ी आसानी से मुकाबला जीत लेंगी। लेकिन इसके बाद मैच ने अप्रत्याशित मोड़ ले लिया। सुपानिडा ने लगातार 11 अंक हासिल कर स्कोर 19-19 से बराबर कर दिया। एक समय जीत के बेहद करीब पहुंच चुकीं सिंधु के लिए यह पल किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं था। लगातार अंक गंवाने के बावजूद उन्होंने अपना धैर्य बनाए रखा और दबाव में शानदार खेल दिखाया। आखिरकार सिंधु ने निर्णायक गेम 23-21 से जीतकर अगले दौर में जगह पक्की कर ली।
सुपानिडा के खिलाफ यह सिंधु की 10 मुकाबलों में छठी जीत रही। अब दूसरे दौर में उनका सामना जापान की रिको गुनजी से होगा। गुनजी ने भारत की उन्नति हुड्डा को 21-18, 12-21, 21-17 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।
आयुष शेट्टी ने श्रीकांत को दी मात
भारतीय बैडमिंटन के युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पूर्व विश्व नंबर-1 किदांबी श्रीकांत को शिकस्त दी। आयुष ने पहला गेम 19-21 से गंवाने के बाद जोरदार वापसी की और अगले दो गेम 21-16, 21-12 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। स्कोर 11-11 से बराबर होने के बाद श्रीकांत ने बढ़त बनाई और गेम जीत लिया। लेकिन आयुष ने दूसरे गेम में अपने खेल का स्तर बढ़ाया और श्रीकांत को बढ़त बनाने का मौका नहीं दिया। निर्णायक गेम में श्रीकांत ने शुरुआत में चार अंकों की बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि, आयुष ने शानदार वापसी करते हुए कोर्ट बदलने तक 11-9 की बढ़त बना ली।
इसके बाद मुकाबला कुछ समय तक बराबरी का रहा, लेकिन 14-12 से आगे निकलने के बाद आयुष ने लगातार सात अंक हासिल कर मैच खत्म कर दिया। इस जीत के साथ उन्होंने दूसरे दौर में जगह बनाई, जहां उनका सामना जापान के छठी वरीयता प्राप्त कोडाई नाराओका से होगा। नाराओका को पहले दौर में लक्ष्य सेन के हटने के बाद अगले दौर में प्रवेश मिला।
देविका सिहाग को कड़े मुकाबले में मिली हार
महिला एकल में भारत की देविका सिहाग ने इंडोनेशिया की पांचवीं वरीयता प्राप्त पुत्री कुसुमा वारदानी को कड़ी चुनौती दी। तीन गेम तक चले मुकाबले में देविका ने दूसरा गेम जीतकर वापसी की कोशिश की, लेकिन आखिरकार उन्हें 21-9, 16-21, 22-20 से हार का सामना करना पड़ा।
महिला युगल में भारत की रुतपर्णा पांडा और श्वेतपर्णा पांडा की जोड़ी भी आगे बढ़ने में नाकाम रही। जापान की रिरिना हिरामोटो और चिहारू शिदा ने भारतीय जोड़ी को 21-6, 21-11 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इससे पहले मंगलवार को सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी और ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ियों को पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, महिला एकल में तान्वी शर्मा और अश्मिता चालिहा ने दूसरे दौर में जगह बनाकर भारतीय उम्मीदों को कायम रखा।


