दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के एक विमान ने बुधवार को कुछ समय के लिए सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। उड़ान के दौरान विमान से पहले 7700 और फिर 7500 स्क्वॉक कोड प्रसारित हुआ। 7500 कोड को विमान अपहरण की स्थिति से जोड़ा जाता है। इसके बाद विमान का रास्ता भी बदल गया, जिससे विमान के अपहरण की आशंका पैदा हो गई।
अचानक बदला विमान का रास्ता
विमान तेल अवीव की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान विमान के मैन्युअली नीचे आने और यू-टर्न लेने की जानकारी सामने आई। इसके बाद विमान से आपातकालीन संकेत प्रसारित होने लगे। 7500 कोड सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विमान से संपर्क नहीं हो पाने के कारण चिंता और बढ़ गई। स्थिति को देखते हुए इस्राइल की ओर से लड़ाकू विमानों को भी हवा में भेजा गया। वहीं, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इस्राइल कात्ज ने भी अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक की।
सौदी अरब में सुरक्षित उतरा विमान
इस बीच विमान को सौदी अरब की ओर मोड़ दिया गया। कुछ समय बाद विमान सौदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया। विमान में सवार सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आने के बाद राहत की सांस ली गई।
पायलटों के बीच विवाद के बाद दबा बटन?
बाद में सामने आई जानकारी के मुताबिक, विमान में मौजूद दोनों पायलटों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान कथित तौर पर विमान अपहरण से जुड़ा बटन दब गया और 7500 कोड प्रसारित हो गया। इस वजह से कुछ समय के लिए पूरी स्थिति को विमान अपहरण के तौर पर देखा गया। बाद में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से भी स्पष्ट किया गया कि यह घटना वास्तविक विमान अपहरण से संबंधित नहीं थी। इस तरह कुछ समय तक चली अफरा-तफरी के बाद विमान सुरक्षित उतर गया और यात्रियों के परिजनों ने भी राहत की सांस ली।


