नई दिल्ली : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने BRICS शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में दुनिया के सामने एक अहम संदेश रखा। उन्होंने कहा कि नियमों के बिना दुनिया ट्रैफिक सिग्नल के बिना चौराहे जैसी हो जाती है, जहां गड़बड़ी और अराजकता की संभावना बढ़ जाती है। जिनपिंग ने BRICS देशों से एकजुट होकर ‘ग्लोबल साउथ’ की ताकत बढ़ाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
जिनपिंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में सभी देशों को कानून का पालन करना चाहिए और विवादों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, देश बड़ा हो या छोटा, शक्तिशाली हो या कमजोर अथवा अमीर हो—अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सभी देशों को समान माना जाना चाहिए।
दुहरे मापदंड से बचने की जरूरत
शी जिनपिंग ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को सभी देशों पर समान रूप से लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में दुहरे मापदंड की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। साथ ही विकासशील देशों को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के लिए सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।
AI से लेकर स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तक चीन का पांच सूत्रीय प्रस्ताव
BRICS के बीच सहयोग को और मजबूत करने के लिए जिनपिंग ने पांच सूत्रीय प्रस्ताव भी रखा। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए व्यापक ढांचा तैयार करना, व्यापार और निवेश को आसान बनाना, डिजिटल उद्योग में सहयोग बढ़ाना, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में संयुक्त विकास शामिल है।
चीन ने AI के क्षेत्र में BRICS का एक ओपन-सोर्स समुदाय बनाने की दिशा में पहल करने की बात कही है। इसके साथ ही डिजिटल कौशल प्रशिक्षण और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। जिनपिंग का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब दुनिया के कई देश आर्थिक, तकनीकी और व्यापारिक बदलावों के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में BRICS के जरिए विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने और सहयोग बढ़ाने पर चीन का जोर खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


