मुंबई : साल 2018 में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ ने ओटीटी की दुनिया में खूब तहलका मचाया था। सीरीज के तीनों सीजन को दर्शकों ने काफी पसंद किया। अब इसी चर्चित कहानी को बड़े पर्दे पर लाया गया है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
फिल्म में एक बार फिर कालीन भैया और गुड्डू पंडित जैसे पसंदीदा किरदार नजर आ रहे हैं। हालांकि, इस बार दर्शकों को एक पुराने चेहरे की कमी जरूर महसूस हुई। यह चेहरा है विक्रांत मैसी का, जिन्होंने सीरीज में बबलू पंडित का किरदार निभाकर खूब लोकप्रियता हासिल की थी। लेकिन फिल्म में बबलू पंडित के किरदार में विक्रांत मैसी की जगह जितेंद्र कुमार नजर आ रहे हैं। आखिर ऐसा क्यों हुआ? फैंस के मन में उठ रहे इस सवाल का जवाब अब फिल्म के निर्देशक गुरमीत सिंह ने दिया है।
कहानी की जरूरत के हिसाब से बदली कास्टिंग
‘जूम’ को दिए एक इंटरव्यू में गुरमीत सिंह ने बताया कि फिल्म बनाते समय कहानी और किरदारों को एक अलग नजरिए से देखने की जरूरत थी। जरूरी नहीं था कि सीरीज में जिस तरह किरदारों को दिखाया गया था, फिल्म में भी उन्हें बिल्कुल उसी अंदाज में पेश किया जाए। निर्देशक के मुताबिक, बबलू के किरदार के लिए दूसरे कलाकार को चुनने का फैसला कहानी को ध्यान में रखकर लिया गया। उनके अनुसार, इस बदलाव ने कहानी के लिए नए रास्ते भी खोले।
फिल्म में बबलू का किरदार हुआ और ज्यादा अलग
गुरमीत सिंह ने जितेंद्र कुमार की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि ‘मिर्जापुर’ के पहले सीजन में बबलू कहानी का अहम हिस्सा था, लेकिन उसकी अपनी इच्छाएं और भविष्य को लेकर सोच ज्यादा सामने नहीं आई थी। वहीं, फिल्म में बबलू के किरदार को एक नए अंदाज में पेश किया गया है। अब उसके अपने सपने हैं, भविष्य को लेकर उसकी योजनाएं हैं और वह अपनी राय भी खुलकर रखता है। जितेंद्र कुमार ने इस बदले हुए बबलू के किरदार को पूरे आत्मविश्वास के साथ निभाया। निर्देशक ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी दबाव के इस भूमिका को निभाया और किरदार के साथ पूरी तरह न्याय किया।
विक्रांत की याद तो आएगी, लेकिन कहानी में बदलाव भी जरूरी
विक्रांत मैसी का बबलू पंडित ‘मिर्जापुर’ के सबसे यादगार किरदारों में से एक रहा है। ऐसे में उनकी जगह जितेंद्र कुमार को देखना फैंस के लिए निश्चित तौर पर एक अलग अनुभव है। हालांकि, निर्देशक गुरमीत सिंह की बातों से साफ है कि यह बदलाव सिर्फ अभिनेता बदलने के लिए नहीं, बल्कि फिल्म की कहानी और बबलू के किरदार को एक नई दिशा देने के लिए किया गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि बबलू के इस नए अंदाज को दर्शक कितना पसंद करते हैं।


