नई दिल्ली : ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव का सबसे बड़ा असर अगर कहीं दिखाई दे रहा है, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य है। दुनिया के लिए बेहद अहम इस समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही लगातार प्रभावित हुई है। इसी बीच अमेरिका ने तेल की सप्लाई जारी रखने के लिए एक ऐसी रणनीति अपनाई है, जिसकी अब चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के तट के करीब एक गुप्त समुद्री कॉरिडोर तैयार किया है। इसी रास्ते से तेल टैंकरों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। यह ऑपरेशन कई हफ्तों से चल रहा है और रात के समय करीब 15 से 20 टैंकर इस रास्ते से गुजर रहे हैं।
पहले खाली टैंकर पहुंचते हैं खाड़ी में
इस पूरी व्यवस्था का तरीका भी काफी दिलचस्प है। खाली तेल टैंकर अरब सागर की तरफ से होर्मुज के रास्ते खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। वहां तेल भरने के बाद इन्हीं जहाजों को फिर सुरक्षित रास्ते से बाहर निकाला जाता है। जहाजों की आवाजाही का समय पहले से तय किया जाता है और अमेरिकी सैन्य निगरानी में उन्हें दक्षिणी चैनल से निकाला जाता है। यानी जिस समुद्री रास्ते पर आम जहाजों के लिए खतरा बना हुआ है, वहां अमेरिका चुनिंदा टैंकरों की आवाजाही को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ा रहा है।
आसमान से भी सुरक्षा, समुद्र पर भी नजर
तेल टैंकरों को सिर्फ समुद्र में ही सुरक्षा नहीं दी जा रही। रिपोर्ट के अनुसार, उनके गुजरने के दौरान अमेरिकी लड़ाकू विमान भी निगरानी में लगाए जाते हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सैन्य अभियान के दौरान ईरान की कुछ रडार और समुद्री निगरानी प्रणालियों को नुकसान पहुंचा है। इससे दक्षिणी रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर नजर रखना और उन्हें निशाना बनाना ईरान के लिए मुश्किल हुआ है। हालांकि, ड्रोन और मिसाइलों का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
रोजाना करीब 1 करोड़ बैरल तेल का दावा
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस नए कॉरिडोर के जरिए रोजाना करीब 1 करोड़ बैरल तेल की आवाजाही हो रही है। हालांकि, यह संघर्ष शुरू होने से पहले होर्मुज के जरिए होने वाली सामान्य आवाजाही का लगभग आधा है। यानी अमेरिका ने तेल की सप्लाई को पूरी तरह सामान्य नहीं किया है, लेकिन युद्ध के बीच एक वैकल्पिक और नियंत्रित रास्ते से सप्लाई बनाए रखने की कोशिश जरूर की है।
होर्मुज क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की महत्वपूर्ण कड़ी है। यहां जहाजों की आवाजाही रुकने का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ सकता है। हालिया आंकड़ों में सामान्य स्थिति की तुलना में यहां जहाजों की आवाजाही काफी कम बनी हुई है। ऐसे में अमेरिका का यह गुप्त कॉरिडोर सिर्फ कुछ तेल टैंकरों को निकालने की कोशिश नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कम करने की बड़ी रणनीति दिखाई देती है। फिलहाल होर्मुज में हर गुजरते टैंकर के साथ एक सवाल जुड़ा है—क्या यह समुद्री रास्ता आने वाले दिनों में सुरक्षित और सामान्य हो पाएगा, या फिर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव वैश्विक तेल बाजार के लिए नई मुश्किलें खड़ी करेगा?


