वॉशिंगटन : ईरान से संभावित खतरे के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्किये में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिका लौटते समय ट्रंप ने बेहद गोपनीय तरीके से अपना विमान बदला। खास बात यह रही कि उनके साथ मौजूद पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों को भी इस बदलाव की जानकारी नहीं थी।
बताया जा रहा है कि ट्रंप तुर्किये जाते समय कतर की ओर से दिए गए नए विमान में सवार हुए थे। लेकिन अमेरिका लौटते समय उन्होंने पुराने एयर फोर्स वन विमान से यात्रा करने की जानकारी सार्वजनिक रूप से दी थी। अंकारा में ट्रंप कैमरों के सामने एयर फोर्स वन में चढ़े भी, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें एक कैटरिंग ट्रक की मदद से गुप्त रूप से छोटे सैन्य विमान C-32A में शिफ्ट किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के खिलाफ ईरान की ओर से संभावित हमले या हत्या की साजिश की खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह सुरक्षा कदम उठाया गया। इस दौरान ट्रंप के साथ मौजूद लोगों को भी यही लगा कि राष्ट्रपति एयर फोर्स वन में ही सफर कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस के संपर्क निदेशक स्टीवन च्युंग ने इस मामले पर सीधे तौर पर टिप्पणी नहीं की। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति को दुश्मनों से सुरक्षित रखने के लिए सभी जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पूर्व सीक्रेट सर्विस एजेंट पॉल एकलोफ के मुताबिक, इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था बेहद दुर्लभ होती है। हालांकि, क्षेत्र में तनाव और मिली खुफिया जानकारी को देखते हुए ऐसा कदम उठाया जाना संभव है।
घटना की जांच की मांग
डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंटल ने इस पूरे मामले की संसदीय जांच की मांग की है। उन्होंने घटना को गंभीर बताते हुए सवाल उठाए हैं। वहीं, अमेरिका पहुंचने से पहले जब ट्रंप से ईरान की धमकी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं, लेकिन इस मामले पर ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।


