नई दिल्ली : आजकल मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान EMI पर खरीदना आम बात हो गई है। लेकिन कई बार किस्त (EMI) चूकने पर वित्तीय संस्थाएं डिवाइस को रिमोट से लॉक कर देती थीं। अब इस पूरी प्रक्रिया को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्पष्ट नियमों के दायरे में ला दिया है। नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे और इनमें ग्राहकों के अधिकारों को भी विशेष महत्व दिया गया है।
RBI के अनुसार, यह नियम केवल उन स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप पर लागू होंगे, जिन्हें उसी लोन से खरीदा गया है। यदि किसी ने पर्सनल लोन या किसी अन्य प्रकार के कर्ज से पहले से मौजूद डिवाइस खरीदा है, तो उसे बैंक लॉक नहीं कर सकेगा। सबसे अहम बात यह है कि एक EMI चूकते ही मोबाइल लॉक नहीं होगा। अगर किस्त 30 दिनों से अधिक समय तक बकाया रहती है, तभी बैंक शुरुआती प्रतिबंध लगा सकेगा। वहीं, 60 दिनों से ज्यादा बकाया होने पर ही डिवाइस को पूरी तरह लॉक करने की अनुमति होगी। इससे ग्राहकों को बकाया चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
RBI ने यह भी साफ किया है कि डिवाइस लॉक होने के बाद भी ग्राहक पूरी तरह ऑफलाइन नहीं होगा। इनकमिंग कॉल, SMS, SOS (आपातकालीन सुविधा) और काम के लिए जरूरी कुछ बेसिक फीचर्स चालू रखना अनिवार्य होगा, ताकि रोजमर्रा के जरूरी काम और आपातकालीन संपर्क प्रभावित न हों। ग्राहकों की गोपनीयता को लेकर भी RBI ने सख्त निर्देश दिए हैं। बैंक या वित्तीय संस्थाएं कर्ज वसूली के नाम पर कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो, वीडियो, कॉल हिस्ट्री, SMS या लोकेशन डेटा जैसी निजी जानकारी नहीं देख सकेंगी। डिवाइस लॉक करने से पहले ग्राहक को लिखित या डिजिटल माध्यम से नोटिस देना भी अनिवार्य होगा। साथ ही, लोन मंजूर करते समय इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी पहले से देना जरूरी रहेगा।
यदि ग्राहक बकाया EMI जमा कर देता है, तो संबंधित संस्था को एक घंटे के भीतर डिवाइस अनलॉक करना होगा। ऐसा न करने पर हर घंटे 250 रुपये का मुआवजा देना होगा। हालांकि, यह राशि बकाया लोन की रकम तक ही सीमित रहेगी। RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्राहक का प्री-पेमेंट यानी तय समय से पहले पूरा लोन चुकाने का अधिकार पहले की तरह बना रहेगा। साथ ही, बैंक RBI द्वारा तय सीमा से अधिक प्रतिबंध ग्राहकों के डिवाइस पर नहीं लगा सकेंगे। नए नियमों का उद्देश्य कर्ज वसूली की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और ग्राहकों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


