नई दिल्ली : देशभर में परीक्षा में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों पर लगाम लगाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ लोकसभा में मंजूर हो गया। सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के जवाब के बाद ध्वनिमत से इस विधेयक को पारित किया गया। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह विधेयक प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली पेपर लीक और संगठित धोखाधड़ी पर सख्ती से रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में कई बड़ी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों से लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ था। ऐसे में इस कानून से ईमानदारी से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में राजनीतिक माहौल भी गर्म रहा। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किए। इस दौरान उन्होंने गृह मंत्री पर भी आरोप लगाए, जिस पर सत्तापक्ष ने कड़ा विरोध जताया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बिना सबूत आरोप लगाने पर राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। बढ़ते हंगामे के कारण राहुल गांधी अपना भाषण पूरा नहीं कर सके।
लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद अब सभी की नजरें राज्यसभा पर टिकी हैं। वहां से भी विधेयक पारित होने और आगे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद देश की सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।


