मुंबई : रक्षाबंधन से पहले महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से कई महिलाओं ने शिकायत की है कि पिछले कुछ महीनों से उनके खाते में ₹1,500 की मासिक सहायता राशि नहीं पहुंची है। त्योहार से पहले पैसा नहीं मिलने से कई परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
दरअसल, सरकार इस समय योजना के लाभार्थियों का सत्यापन कर रही है। जांच के दौरान यह सामने आया कि कुछ अपात्र लोग भी योजना का लाभ ले रहे थे। इसी कारण लाभार्थियों के दस्तावेजों और पात्रता की दोबारा जांच की जा रही है। इस बीच कुछ महिलाओं ने यह भी दावा किया कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बावजूद उनके खाते में किस्त नहीं आई। यवतमाळ की रहने वाली एक लाभार्थी ने बताया कि उन्हें हर महीने योजना की राशि मिल रही है और इसी पैसे से घर का राशन और रोजमर्रा का खर्च चलता है। वहीं दूसरी महिला ने कहा कि पिछले तीन महीने से उनके खाते में एक भी किस्त नहीं आई। ई-केवाईसी और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है।
इन शिकायतों के बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी पात्र महिला का लाभ बंद करना नहीं है। फिलहाल सिर्फ अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए सत्यापन अभियान चल रहा है। यदि कोई महिला योजना की सभी शर्तें पूरी करती है तो उसे योजना का लाभ मिलता रहेगा। ऐसे में जिन महिलाओं की किस्त फिलहाल रुकी हुई है, उनकी नजर अब सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थियों के खातों में फिर से किस्त जमा की जाएगी।


