‘हर हर महादेव’… यह सिर्फ एक जयघोष नहीं, बल्कि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा एक विश्वास है। सावन का महीना शुरू होते ही हर तरफ भक्ति का माहौल नजर आने लगता है। मंदिरों में घंटियों की आवाज, शिवलिंग पर होता जलाभिषेक और हाथों में बेलपत्र लिए भक्त… सावन का हर पल अपने आप में खास होता है। लेकिन सावन के सोमवार का महत्व ही कुछ अलग है।
कहा जाता है कि भगवान शिव को सावन का महीना बेहद प्रिय है। यही वजह है कि इस महीने पड़ने वाले सोमवार को भक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं, तो कई भक्त सुबह-सुबह मंदिर जाकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं।
भोलेनाथ को क्या चढ़ाएं?
श्रावण सोमवार के दिन भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, फूल, फल और धतूरा अर्पित किया जाता है। पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना भी शुभ माना जाता है। हालांकि, भगवान शिव की भक्ति के लिए बहुत ज्यादा दिखावे की जरूरत नहीं होती। सच्चे मन से चढ़ाया गया एक बेलपत्र और श्रद्धा से लिया गया भोलेनाथ का नाम भी भक्तों के लिए बहुत मायने रखता है।
श्रावण सोमवार क्यों है खास?
श्रावण का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और सोमवार को भी शिव पूजा के लिए विशेष दिन माना जाता है। इसलिए सावन में आने वाले सोमवार का महत्व भक्तों के बीच और बढ़ जाता है। मेरी नजर में श्रावण सोमवार की सबसे खूबसूरत बात यही है कि यह हमें कुछ पल रुककर अपने मन को सुनने का मौका देता है। रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर मंदिर की शांत घंटियों के बीच जब हम आंखें बंद करके ‘ॐ नमः शिवाय’ कहते हैं, तो मन को एक अलग ही शांति महसूस होती है। शायद यही तो भोलेनाथ की भक्ति की खूबसूरती है—जहां शब्द कम पड़ जाते हैं, वहां श्रद्धा खुद बोलने लगती है।
इस श्रावण सोमवार भोलेनाथ से बस इतनी-सी प्रार्थना करें—हमारे मन से नकारात्मकता दूर हो, परिवार में सुख-शांति बनी रहे और हर मुश्किल समय में हमें सही रास्ते पर चलने की शक्ति मिले।
हर हर महादेव! 🔱
ॐ नमः शिवाय! 🕉️


