महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं के लिए एक अहम खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस योजना के तहत महिलाओं को एकमुश्त 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, इस रकम को पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की एक लिंक भी तेजी से वायरल हो रही है। आर्थिक मदद की उम्मीद में कई महिलाएं इस लिंक पर क्लिक कर सकती हैं। लेकिन इस दावे की सच्चाई कुछ और ही है।
40 हजार रुपये के लिए वायरल हो रही लिंक असली है या फर्जी?
सोशल मीडिया पर कुछ रील्स के जरिए दावा किया जा रहा है कि लाडली बहना योजना की रुकी हुई किस्तें दोबारा शुरू करवाने या एकमुश्त 40 हजार रुपये पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए महिलाओं से आधार कार्ड पर दर्ज नाम, मोबाइल नंबर, तहसील और गांव की जानकारी मांगी जा रही है।
हालांकि, यह वेबसाइट सरकार की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। ऐसे में महिलाओं को इस तरह की अनजान लिंक पर क्लिक करके अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। राज्य सरकार ने लाडली बहना योजना के तहत एकमुश्त 40 हजार रुपये देने की कोई घोषणा नहीं की है। ऐसे में सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा भ्रामक है।
81 लाख महिलाओं को फिर मिलेंगे हर महीने 1,500 रुपये?
एक तरफ 40 हजार रुपये मिलने के दावे ने महिलाओं के बीच भ्रम पैदा किया है, तो दूसरी तरफ योजना का लाभ बंद होने से परेशान महिलाओं के लिए राहत की खबर सामने आई है।
केवाईसी प्रक्रिया में आई दिक्कतों के कारण योजना का लाभ बंद होने वाली करीब 81 लाख महिलाओं को दोबारा लाभ दिलाने का आश्वासन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया है। दरअसल, केवाईसी पूरी नहीं होने के कारण कई महिलाओं की किस्तें रुक गई हैं। ऐसी महिलाओं को फिर से हर महीने 1,500 रुपये का लाभ दिलाने की बात कही गई है। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि महिलाओं के बैंक खातों में एकमुश्त 40 हजार रुपये जमा किए जाएंगे। हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता और एकमुश्त रकम के दावे में अंतर समझना जरूरी है।
महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान
लाडली बहना योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को किसी भी अनजान वेबसाइट पर आधार कार्ड या अपनी निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। 40 हजार रुपये दिलाने का दावा करने वाली लिंक से सावधान रहें। योजना की किस्त, केवाईसी और आवेदन से जुड़ी जानकारी केवल सरकार के आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करें।
आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद में जल्दबाजी करना भारी पड़ सकता है। खासकर जिन महिलाओं की किस्तें बंद हो गई हैं, उन्हें परेशान होने के बजाय सरकार की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी सच नहीं होती, इसलिए किसी भी लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी जांच जरूर करें।


