मालिक-कामगार विवाद में पुलिस की दखल पर हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी

कंपनी के फैसलों में निर्देश नहीं दे सकती पुलिस, औद्योगिक विवाद में मध्यस्थता का अधिकार नहीं

नागपुर : मालिक और कामगारों के बीच होने वाले आंतरिक विवाद या अनुशासनात्मक कार्रवाई में पुलिस सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकती। प्रबंधन को कौन-सा फैसला लेना चाहिए, इस संबंध में पुलिस आदेश या निर्देश नहीं दे सकती। मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण बात स्पष्ट की।

मामला हुडकेश्वर पुलिस थाने से जुड़ा है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने 25 जुलाई 2026 को शिवम फूइस कंपनी के महाव्यवस्थापक को नोटिस जारी किया था। इसमें कामगारों की मांगों पर उचित निर्णय लेने को कहा गया था। साथ ही कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। इस नोटिस के खिलाफ कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फलके और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पुलिस के अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट किया। अदालत ने कहा कि कामगारों को कंपनी से संबंधित कोई शिकायत या परेशानी है, तो उसके लिए उचित कानूनी माध्यम उपलब्ध हैं। पुलिस का काम मालिक और कामगार के बीच औद्योगिक विवाद में मध्यस्थता करना नहीं है।

अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 168 का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस को दखलपात्र अपराधों को रोकने के लिए नोटिस जारी करने का अधिकार है। लेकिन इसी प्रावधान के आधार पर पुलिस किसी मालिक को कोई विशेष निर्णय लेने का निर्देश नहीं दे सकती।अतिरिक्त सरकारी वकील एडवोकेट संजय डोईफोडे ने कंपनी की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दखलपात्र अपराधों को रोकना पुलिस का कर्तव्य है। अदालत ने पुलिस की इस मंशा को स्वीकार किया, लेकिन इसके बावजूद संबंधित नोटिस को रद्द कर दिया और कंपनी की याचिका का निपटारा कर दिया। कंपनी की ओर से एडवोकेट हरीश ठाकूर ने पक्ष रखा। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से यह स्पष्ट हुआ कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन मालिक-कामगारों के बीच आंतरिक या औद्योगिक विवाद में प्रबंधन को निर्णय लेने के निर्देश देना पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

लोकतंत्र मिरर

लोकतंत्र मिरर जनता का भरोसेमंद न्यूज चैनल 📍 महाराष्ट्र | पूरे भारत की खबरें ⚡ राजनीति | व्यापार | मनोरंजन | खेल | ताजा अपडेट 📢 ब्रांड प्रमोशन/ विज्ञापन के लिए संपर्क करे: 📞 9545924968/7758043733

Related Posts

जरांगे पाटील के पीछे आखिर कौन? ‘जनता उन्हें बेनकाब करे’; मंत्री आशिष जयसवाल का तीखा हमला

नागपुर : मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जरांगे पाटील की भूमिका को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शिवसेना नेता और मंत्री आशिष जयसवाल ने…

गणेश विसर्जन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की पहल, नागपुर में 419 कृत्रिम विसर्जन कुंड तैयार

नागपुर :  गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धा के साथ पर्यावरण की जिम्मेदारी भी निभाई जा सके, इसके लिए नागपुर महानगरपालिका ने शहर में बड़े स्तर पर व्यवस्था की है। मनपा की…