बॉलीवुड से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता अब हमारे बीच नहीं रहे। 57 साल की उम्र में उनके निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया है। अपनी खास फिल्ममेकिंग शैली, दमदार एक्शन और क्राइम आधारित कहानियों के लिए पहचान बनाने वाले संजय गुप्ता के अचानक चले जाने से उनके चाहने वाले और फिल्म जगत के लोग दुखी हैं।
संजय गुप्ता के निधन की जानकारी फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने अपने पोस्ट में संजय गुप्ता को अपना दोस्त बताते हुए उनके जाने पर गहरा दुख जताया। अशोक पंडित के मुताबिक, घर में सिर पर लगी चोट के कारण उनका निधन हुआ। उन्होंने संजय गुप्ता को एक बेहतरीन निर्देशक, कहानीकार और फिल्ममेकर बताते हुए कहा कि उनका जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है। साथ ही उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
बाथरूम में गिरने से हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, संजय गुप्ता शुक्रवार, 30 अक्टूबर की रात बाथरूम में गिर गए थे। इस दौरान उनके सिर में चोट लग गई। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह तक किसी को इस हादसे की जानकारी नहीं थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत रात में ही हो गई थी। हालांकि, उनके निधन का सटीक कारण अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सिर में लगी चोट और समय पर उपचार नहीं मिल पाना उनकी मौत की वजह माना जा रहा है।
‘कांटे’ से मिली खास पहचान
संजय गुप्ता ने साल 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, साल 2002 में रिलीज हुई फिल्म ‘कांटे’ ने उन्हें बॉलीवुड में खास पहचान दिलाई। उनकी फिल्मों में क्राइम, गैंगस्टर और एक्शन का अलग अंदाज देखने को मिलता था।
उन्होंने अपने करियर में ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी फिल्मों की कहानी कहने का तरीका और एक्शन सीक्वेंस दर्शकों के बीच काफी चर्चित रहे। संजय गुप्ता का अचानक यूं दुनिया से चले जाना उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के लिए अपूरणीय क्षति है। पर्दे पर अपनी कहानियों से दर्शकों को बांधकर रखने वाले इस निर्देशक की यादें अब उनकी फिल्मों के जरिए हमेशा जीवित रहेंगी।


