नागपुर : मध्य रेल के नागपुर मंडल ने रेल सुरक्षा और परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए धामनगांव–दिपोरी खंड में 10.28 किलोमीटर लंबी स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया है। यह अत्याधुनिक प्रणाली 11 जून 2026 को शाम 4:15 बजे से शुरू कर दी गई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने से ट्रेनों के संचालन में सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ेगी, वहीं रेल मार्ग की क्षमता में भी सुधार होगा। इस परियोजना के तहत सीमेंस निर्मित MSDAC ACM-200 प्रणाली का उपयोग किया गया है, जिसमें ड्यूल डिटेक्शन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, सुपरवाइजरी ट्रैक सेक्शन और ऑटो-रीसेट मोड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। परियोजना के अंतर्गत निर्धारित सिग्नल इंटरलॉकिंग प्लान (SIP) और रोल प्लान के अनुसार 14 नए ऑटोमैटिक सिग्नल तथा 6 सेमी-ऑटोमैटिक सिग्नल स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा अप और डाउन दोनों लाइनों पर कुल 78 MSDAC-DP यूनिट्स (39-39) लगाए गए हैं। संचार व्यवस्था को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने के लिए 48-फाइबर ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) तथा UFSBI (Universal Fail Safe Block Interface) को शामिल किया गया है। साथ ही धामनगांव–RH04–दिपोरी के बीच भी UFSBI की व्यवस्था की गई है, जिससे संचार प्रणाली में अतिरिक्त रेडंडेंसी सुनिश्चित हो सके। रेल सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक लाइन डिटेक्टर (ELD), फ्यूज अलार्म सुरक्षा प्रणाली तथा RDSO अनुमोदित फायर अलार्म सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान दिपोरी स्थित सीमेंस इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) में 29 रूटों तथा धामनगांव स्थित हिताची इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) में 46 रूटों में आवश्यक बदलाव किए गए। इसके साथ ही समपार फाटक संख्या 71 को भी इंटरलॉक कर स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे फाटक पर सुरक्षा का स्तर और अधिक बढ़ गया है।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि धामनगांव–दिपोरी खंड में इस प्रणाली के शुरू होने से ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी, लाइन क्षमता बढ़ेगी और रेल परिचालन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुचारु और विश्वसनीय बनेगा। इस उपलब्धि पर रेलवे प्रशासन ने परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी|


