अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर एक गंभीर दावा किया है। ट्रम्प ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ अकाउंट पर द जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें ईरानी जेलों में बंद महिलाओं और लड़कियों के साथ कथित यौन हिंसा और उत्पीड़न का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि हिरासत में महिलाओं और लड़कियों को यौन हिंसा, पूछताछ के दौरान हमले और सुरक्षा अधिकारियों की प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को खारिज किया है।
होर्मुज को लेकर ट्रम्प का बड़ा बयान
ट्रम्प ने होर्मुज की खाड़ी को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। उनका दावा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अब अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन ईरान की मौजूदा शर्तें अमेरिका को स्वीकार नहीं हैं। ट्रम्प ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने ईरान में महंगाई और आर्थिक दबाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा है।
ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने देंगे
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रम्प ने एक बार फिर अमेरिका का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने या रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रम्प का तर्क है कि अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल करता है, तो इससे इजरायल और दूसरे देशों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इसी बीच, ट्रम्प प्रशासन ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने और नए प्रतिबंध लगाने की रणनीति भी अपनाई है। ट्रम्प इसे ‘आर्थिक क्रांति’ का नाम दे चुके हैं।
ईरान ने अमेरिकी दबाव को बताया असफल
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रम्प की आर्थिक दबाव नीति पर पलटवार किया है। उनका कहना है कि अमेरिका की पिछली प्रतिबंध और अधिकतम दबाव की रणनीतियां पहले भी असफल रही हैं। अराघची के मुताबिक, वर्षों से लगाए जा रहे कड़े प्रतिबंधों के बावजूद ईरान पर मनचाहा दबाव बनाने में अमेरिका सफल नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा आर्थिक अभियान भी आखिरकार असफल साबित होगा। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। आर्थिक प्रतिबंध, होर्मुज की खाड़ी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों ने दोनों देशों के बीच टकराव को और गंभीर बना दिया है।


