चीन में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। जून 2026 में चीन में करीब 79 हजार नए कोविड-19 संक्रमित मरीज सामने आए हैं। खास बात यह है कि इस बार कोरोना ने इन्फ्लुएंजा (फ्लू) को भी पीछे छोड़ दिया है और फिलहाल चीन में सबसे तेजी से फैलने वाला श्वसन संक्रमण बन गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक सामने आए अधिकतर मामलों में लक्षण हल्के हैं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फिलहाल किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं जताई है।
चीन में क्या है मौजूदा स्थिति?
चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, 13 से 19 जुलाई के बीच कोरोना की पॉजिटिविटी दर बढ़कर 16.3 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि इसी अवधि में फ्लू की पॉजिटिविटी दर 12.6 प्रतिशत रही। जून महीने में दर्ज हुए 79 हजार मामलों में 130 मरीज गंभीर पाए गए, जबकि एक मरीज की मौत की पुष्टि हुई है।
कौन-सा नया वैरिएंट फैला रहा संक्रमण?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन में इस समय ओमिक्रॉन NB.1.8.1 वैरिएंट तेजी से फैल रहा है। हालांकि इसकी संक्रमण फैलाने की क्षमता मध्यम मानी जा रही है और फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि यह वैरिएंट पहले की तरह गंभीर या अधिक घातक साबित हो सकता है।
क्या घबराने की जरूरत है?
चीन की स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि मौजूदा लहर में घबराने की आवश्यकता नहीं है। संक्रमित लोगों में ज्यादातर बुखार, गले में खराश और हल्के फ्लू जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं और अधिकांश मरीज 5 से 7 दिनों के भीतर ठीक हो रहे हैं। गंभीर मामलों और मौतों में भी कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। हालांकि, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सार्वजनिक स्थानों और अस्पतालों में मास्क पहनने की भी सिफारिश की गई है।
गर्मियों में क्यों बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले?
विशेषज्ञों का मानना है कि भीषण गर्मी के कारण लोग लंबे समय तक एसी वाले बंद कमरों में रहते हैं, जिससे वायरस के फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा गर्मियों की छुट्टियों में बढ़ा हुआ यात्रा का सिलसिला भी संक्रमण के प्रसार की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
भारत के लिए कितना खतरा?
चीन में बढ़ते मामलों के बीच भारत की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या बेहद कम है। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में इक्का-दुक्का मामले सामने आए हैं, लेकिन उनमें भी हल्के लक्षण ही देखे गए हैं। फिलहाल भारत में किसी तरह की चिंता की स्थिति नहीं है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग चीन की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।


