नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक रिपोर्ट ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को करीब 400 रॉकेट लॉन्चर भेजे हैं। हालांकि, इस दावे की अब तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है, लेकिन इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस रिपोर्ट पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर यह दावा सही है, तो यह बेहद निराशाजनक होगा। उन्होंने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि चीन इस संघर्ष में सीधे शामिल नहीं होगा। ट्रंप ने ईरान को भी चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका किसी भी चुनौती का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है। वहीं, ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भी चीन पर निशाना साधा। उनका कहना था कि अमेरिका इस क्षेत्र में आगे है, जबकि चीन में AI पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि तकनीक की इस वैश्विक दौड़ में अमेरिका अपनी बढ़त बनाए रखेगा।
इधर, जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। वहीं अमेरिकी सेना ने भी पश्चिम एशिया में अपने सैन्य ठिकानों की ओर बढ़ रही ईरानी मिसाइलों को निष्क्रिय करने का दावा किया है। दूसरी ओर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को रोकने की बात कही है। ईरान का दावा है कि इन जहाजों ने सुरक्षा संबंधी चेतावनियों का पालन नहीं किया था। हालांकि, जहाजों की पहचान और वे किस देश के झंडे के तहत संचालित हो रहे थे, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। यदि रिपोर्ट में किया गया दावा सही साबित होता है, तो मध्य पूर्व में पहले से जारी तनाव और गहरा सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस घटनाक्रम और इससे जुड़े आधिकारिक बयानों पर टिकी हुई है।


