भिवापुर : चुनावी और जनगणना संबंधी जिम्मेदारियों के निर्वहन में कथित लापरवाही बरतने वाले कारगांव के मंडल अधिकारी नरेश कुंभलकर के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही मामले की विस्तृत विभागीय जांच के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कुंभलकर के कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। बताया गया है कि आम नागरिकों के कई राजस्व संबंधी कार्य समय पर नहीं हो रहे थे, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी बीच अप्रैल 2026 में आयोजित ग्राम पंचायत उपचुनाव के लिए उन्हें निर्वाचन निर्णय अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन वे निर्धारित अवधि में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर सके। तहसील प्रशासन का कहना है कि 1 अप्रैल से वे बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहे। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ कई बार कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली। बाद में जनगणना अभियान के लिए भी उन्हें पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था, हालांकि इस महत्वपूर्ण कार्य में भी उनकी सहभागिता दर्ज नहीं हुई। लगातार अनुपस्थिति और शासकीय दायित्वों के प्रति उदासीनता को गंभीर मानते हुए महाराष्ट्र नागरी सेवा (शिस्त व अपील) नियम, 1979 के नियम 4(1)(अ) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पारशिवनी तहसील कार्यालय रहेगा तथा बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध रहेगा।


