मुंबई: महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने एसटी महामंडल को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद एसटी के करीब 90 हजार कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, वित्त विभाग ने एसटी महामंडल को स्पष्ट किया है कि अब उसे सरकारी आर्थिक मदद पर निर्भर रहने के बजाय अपने संसाधनों से धन जुटाने की दिशा में कदम उठाने होंगे। सरकार की ओर से लंबित निधि जारी नहीं किए जाने के कारण महामंडल की आर्थिक स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार पर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, वेतन, पेंशन और अन्य खर्चों का बड़ा वित्तीय बोझ है। इसी वजह से एसटी महामंडल को अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराने में सरकार ने असमर्थता जताई है। इस निर्णय पर कर्मचारी संगठनों ने नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि सरकार की ओर से बकाया राशि नहीं मिली तो कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी हो सकती है और महामंडल के सामने गंभीर वित्तीय संकट खड़ा हो सकता है। वहीं, बढ़ती ईंधन कीमतों ने भी एसटी की आर्थिक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डीजल-पेट्रोल महंगा होने के बावजूद फिलहाल टिकट दरों में वृद्धि नहीं की गई है, जिससे महामंडल पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बना हुआ है। ऐसे में सरकारी सहायता न मिलने से एसटी की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।


